Author - संपादक

समाचार

बुंदेलखंड के प्राचीन तीर्थ, मंदिर और मूर्तियां हमारी अनमोल धरोहर-मंत्री उत्तराखंड उत्तरप्रदेश दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी

ललितपुर। बुंदेलखंड क्षेत्र में जैन संस्कृति के अनेक चिन्ह, कई तीर्थक्षेत्र और प्राचीन मूर्तियां आदि हैं। इनके संरक्षण और सम्वर्द्धन की महती आवश्यकता है। पूरे...

समाचार

गोल्डन बुक ऑफ़ रेकॉर्ड में दर्ज हूवा संयम महोत्सव ।

सनावद:- “अगर जन्म नही मिलता तो संयम कैसे मिलता”  इस भाव भरी पंक्ति को चरितार्थ करते हुवे सनावद नगर में चातुर्मासरत डॉ. आचार्य श्री 108 प्रणाम...

कथा सागर

स्वाध्याय – 1 : ‘सूर्यास्त पश्चात भोजन विषाक्त कैसे हो जाता है?’ -अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज

भारतीय और जैन संस्कृति में साधना, ध्यान, त्याग और संयम को महत्त्व दिया गया है। यह कहा जा सकता है कि इनके बिना भारतीय और जैन संस्कृति की पहचान ही नहीं हो सकती...

समाचार

दिवाली खुशियों वाली’ आएं, हाथ बटाएं

दीपावली का त्योहार आ गया है। सब लोग अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दीपावली का त्योहार मनाते हैं। नए-नए कपड़े पहनना। मिठाई खाना। घर को दीपक से रोशन करना।...

समाचार

इच्छाओं के सफल होने की नहीं बल्कि इच्छाओं के निर्मल होने की प्रार्थना करें – आचार्यश्री अनुभवसागर जी महाराज

लोहारिया(बांसवाड़ा) 24 जुलाई 2020 । ग्रंथ राज्य समयसार की व्याख्या करते हुए पूज्य युवाचार्य श्री अनुभव सागर जी महाराज ने कहा की जरूरतें तो भिखारी की भी पूरी हो...

समाचार

जीवन का निर्वाह नहीं, निर्माण करें, यही सच्ची मानवता- आचार्य अनुभव सागर महाराज

लोहारिया (बांसवाड़ा)। युवाचार्य अनुभवसागर महाराज ने गुरुवारको प्रात: कालीन स्वाध्याय के दौरान कहा कि जीवन तो प्रत्येक प्राणी को प्राप्त होता है लेकिन जीवन का...

समाचार

जिनके वचन शुद्ध, उनके वचन सिद्ध -आचार्य अनुभव सागर

लोहारिया (बांसवाड़ा)। आचार्य अनुभव सागर महाराज ने कहा कि जो अपने वचनों का प्रयोग दूसरों के हित के लिए करते हैं, मन की साधना करते हैं उन्हें किसी सिद्धि की...

समाचार

प्रकृति के निरंतर शोषण से हरियाली को अमावस्या ना लग जाए- आचार्य अनुभव सागर महाराज

लोहारिया (बांसवाड़ा)। युवाचार्य श्री अनुभव सागर जी महाराज ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर कहा कि लोग अत्यंत उत्साह के साथ हरियाली अमावस्या मना तो रहे हैं परंतु...

समाचार

आत्महत्या कायरता, जीवन नष्ट होता है, कर्म नहीं- आचार्य अनुभवसागर महाराज

लोहारिया,20 जुलाई 2020। जीवन सतत उत्थान, पतन और उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है। प्रतिपल एक निश्चितता सदैव ही रहती है क्योंकि जीवन अनुमान का विषय नहीं है। वर्तमान...

समाचार

लक्ष्य हीन मनुष्य उस मच्छर के समान है जो उड़ता तो बहुत है परंतु पहुंचता कहीं नहीं – आचार्यश्री अनुभवसागर जी महाराज

लोहारिया,19 जुलाई2020 । श्री विमल – भरत सभागार मैं प्रातः कालीन स्वाध्याय के दौरान पूज्य युवाचार्य श्री अनुभवसागर जी महाराज ने कहा की यह संसार का इतिहास...

You cannot copy content of this page