देवों के द्वारा रचित अशोक वृक्ष आदि को प्रातिहार्य कहते हैं। वे आठ होते हैं-1. अशोक वृक्ष, 2. तीन छत्र, 3. रत्नजड़ित सिंहासन, 4. दिव्यध्वनि, 5. दुन्दुभिवाद्य...
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1. अर्धमागधी भाषा-भगवान् की अमृतमयी वाणी सब जीवों के लिए कल्याणकारी होती है तथा मागध जाति के देव उन्हें बारह सभाओं में विस्तृत करते हैं। 2. मैत्रीभाव-प्रत्येक...
1. भगवान् के चारों ओर सौ-सौ योजन (चार कोस का एक योजन,एक कोस में दो मील एवं 1.5 कि.मी. का एक मील) तक सुभिक्षता हो जाती है अर्थात् अकाल आदि नहीं पड़ते हैं। 2...
1. अतिशय सुन्दर शरीर, 2. अत्यन्त सुगंधित शरीर, 3. पसीना रहित शरीर, 4. मल-मूत्र रहित शरीर। 5. हित-मित-प्रिय वचन, 6. अतुल बल, 7. सफेद खून, 8. शरीर में 1008 लक्षण...
जीवन में ज्ञान से नहीं आचरण से बदलाव होता है। हजारों युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर डाॅ.उज्ज्वल पाटनी ने संदेश दिया। जहाजपुर (स्वस्तिधाम)- 1008 श्री...
धर्मानुरागी बधुओं तीर्थंकर भगवानों के प्रथम आहार का बहुत महत्व है तो जानते है कि किस तीर्थंकर भगवान का प्रथम आहार किस पदार्थ का हुआ और किस के हाथों से हुआ- २४...
चित्रकला प्रतियोगिता में नवागढ़ वैभव के उकेरे चित्र‘जीना है तो पापा शराब नहीं पीना’ बच्चों के नृत्य ने दिया शराब छोड़ने का संदेशश्रद्धालुओं ने किया...
भीलूड़ा । शनि अमावस्या पर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का पंचामृत अभिषेक...
पपौरा, टीकमगढ़। श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पपौरा जी की पावन धरा पर चल रहे श्री 1008 भगवान नेमिनाथ मज्जिनेंद्र जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में...
गिरारगिरी जी में दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े पुरातत्व विदों ने 14-15वी शताब्दी की मूर्ति बताया ललितपुर। मड़ावरा विकासखंड में धसान नदी के समीप श्री आदिनाथ...








