Author - संपादक

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मदर्स डे : पीड़ाओं को सहकर आंचल की छाया देती है माँ – डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर

माँ ही है, जो हमे दुनिया से नौ महीनों ज्यादा जानती है | मां के लिए कोई भी शब्द, लेख या उपाधि कम होगी। उनके प्यार और समर्पण को जिंदगी लगाकर भी जताया नहीं जा...

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भारत बने भारत अभियान कार्यक्रम सम्पन्न

पुणे। विडम्बना ही है कि भारत एक अकेला ऐसा देश है जिसके तीन तीन नाम हंैं- भारत, इण्डिया और हिन्दुस्तान। अव से करोणों वर्ष पूर्व आदि तीर्थंकर आदि ब्रह्मा ऋषभदेव...

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तीर्थंकर महावीर और उनके द्वारा उपदेशित अहिंसा – डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

तीर्थंकर महावीर का उदय ऐसे समय में हुआ, जहाँ मानव क्रूर हिंसा की क्रिया में लिप्त था। हिंसा का बोलबाला था। आज भी जहाँ यह स्थिति परिलक्षित हो रही है इसे पाटने...

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स्याद्वाद विद्यालय के स्नातक स्वतंत्रता सेनानी धन्य कुमार जैन का निधन – दिया गया राजकीय सम्मान

वाराणसी। स्याद्वाद महाविद्यालय के स्नातक स्वतंत्रता सेनानी धन्य कुमार जैन का शनिवार 17 अप्रैल को सुबह निधन हो गया। वे 99 वर्ष के थे। उन्हें औसानगंज कोठी भदैनी...

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आनलाइन वेबीनार के माध्यम से आचार्य विद्यानंद जी के अवदान को याद किया

जयपुर –  इस सदी के महान संत आचार्य श्री विद्यानंद जी के 97 वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आनलाइन राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन राष्ट्रीय दिगंबर जैन प्रतिनिधि...

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पावापुरी-नालन्दा का पुरातत्त्व – डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

पावापुरी बिहार के नालन्दा जिला में स्थित है। इसके पावापुर, अपापपुरी, पावा आदि नाम भी हैं। जैनधर्म के चैबीस तीर्थंकरों की श्रृंखला में अंतिम तीर्थंकर भगवान...

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मंथन: समाज को दिशा और प्रेरणा देते हैं जयंती पर्व- प्रियंका सेठी,किशनगढ़

बंधुओं…इस माह हम जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती मनाने जा रहे हैं। आज से हजारों-लाखों वर्ष पूर्व इन तीर्थंकरों...

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मंथन: भगवान महावीर

प्रस्तुति : तुष्टि जैनM.com DEl.Ed बालक महावीर का जन्म कहाँ हुआ था ?उत्तर – बालक महावीर का जन्म कुण्डग्राम (वैशाली) विहार में हुआ था। तीर्थंकर महावीर के...

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मंथन: भगवान आदिनाथ

प्रस्तुति : तृष्टि जैनM.com, D.El.Ed.} भगवान आदिनाथ के कुछ प्रचलित नाम बताइये।उत्तर – (1) श्री आदिनाथ जी, (2) श्री ऋषभनाथ जी, (3) श्री वृषभनाथ जी, (4)...

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मंथन: अंहिसा के प्रणेता वर्धमान महावीर

वर्तमान काल में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ़़ऋषभदेव से आरम्भ हो कर 24 तीर्थंकरों की यह परम्परा भगवान महावीर पर आकर समाप्त होती है। भगवान महावीर का जन्म...

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