जिस प्रकार नदी का पानी निरन्तर गतिशील रहता है उसी प्रकार दिगम्बर संत में निरन्तर विहार करते है और धर्म की प्रभावना करते है। श्रमण मुनि पुगंव श्री 108 सुधासागर महाराज का विहार बरुआसागर से झांसी की ओर हो गया है। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…
झांसी। जिस प्रकार नदी का पानी निरन्तर गतिशील रहता है उसी प्रकार दिगम्बर संत में निरन्तर विहार करते है और धर्म की प्रभावना करते है। श्रमण मुनि पुगंव श्री 108 सुधासागर महाराज का विहार बरुआसागर से झांसी की ओर हो गया है। मुनि श्री वर्तमान में झांसी-बरूआसागर मार्ग पर बेतवा नदी के पास कन्स्ट्रक्शन साइट पर विराजमान है। सायं 6 बजे गुरूदेव का जिज्ञासा समाधान हुआ।

आज गुरूदेव का मंगल विहार स्पेस मून सिटी में होगा, जहां सुबह प्रवचन आहार चर्या, एवं सायं 6 बजे ‘शंका समाधान’ सत्र होगा। 22 मई को सुबह 5 बजे परमपूज्य गुरूदेव का मंगल विहार रिसाला चुंगी, यूनिवर्सिटी मार्ग से करगुवां जी की ओर होगा। जहाँ परमपूज्य गुरूदेव के मंगल सानिध्य में श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा होगी, तत्पश्चात परमपूज्य गुरूदेव के मुखार विंद से अमृत देशना होगी।













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