समाचार

आचार्य श्री विभव सागर जी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश : घर-घर रांगोली मांडकर किया आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन


तप त्याग एवं संयम के लिए जाने वाले नगर में आचार्य श्री विभव सागर ससंघ का मंगल प्रवेश बड़वाह की ओर से हुआ। समाजजनों ने ट्रेंगल चौराहे पर पहुंचकर आचार्य संघ की आगवानी की। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…


सनावद। तप त्याग एवं संयम के लिए जाने वाले नगर में आचार्य श्री विभव सागर ससंघ का मंगल प्रवेश बड़वाह की ओर से हुआ। इंदौर नगर में चातुर्मास संपन्न करने के बाद पुसे गांव महाराष्ट्र की ओर विहार कर रहे आचार्य श्री विभव सागर जी का मंगल नगर प्रवेश हुआ। समाजजनों ने ट्रेंगल चौराहे पर पहुंचकर आचार्य संघ की आगवानी की। नगर में पूर्व से विराजमान मुनि श्री अक्षय सागर जी महाराज ससंघ ने आचार्य संघ की अगवानी कर प्रति नमोस्तु आचार्य संघ ने नगर भ्रमण कर नगर के सभी जैन मंदिरों एवं गृह चैत्यालयों के दर्शन कर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर पहुंचे। जहां आचार्य श्री विभव सागर के सानिध्य में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। आचार्य श्री शांति सागर वर्धमान देशना निलय में सभा का आयोजन हुआ। जिसकी शुरुआत नरेंद्र भारती ने मंगलाचरण से की।अगली कड़ी में खंडवा से पधारे अतिथियों ने आचार्य श्री को शीत कालीन वाचना हेतु श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

आचार्य श्री विभव सागर महामुनिराज ने अपनी देशना का रसपान करवाया। इस अवसर पर आहारदान का सौभाग्य सुधीरकुमार चौधरी परिवार वर्धमान बहु मंडल, सुनीलकुमार जैन जम्बूदीप परिवार, सावित्री बाई कैलाशचंद जटाले परिवार, अविनाश कुमार जैन परिवार, सुरेंद्र कुमार पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। आचार्य संघ के सानिध्य में दोपहर में तत्व चर्चा स्वाध्याय क्लास हुई। वहीं शाम को आचार्य भक्ति सामयिक आरती हुई। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page