आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ (36 पिच्छिका) का मंगल विहार इस वर्ष टोंक नगर में 57वें चातुर्मास के लिए चल रहा है। आचार्य श्री का यह तीसरी बार टोंक नगर में आगमन हो रहा है। इससे पूर्व वर्ष 1970 एवं 2016 में भी आपने चातुर्मास किया था। वर्ष 2025 में पूरे 55 वर्षों के बाद जैन समाज सहित नगरवासियों को यह ऐतिहासिक अवसर पुनः प्राप्त हुआ है। टोंक से पढ़िए, यह खबर…
टोंक। आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ (36 पिच्छिका) का मंगल विहार इस वर्ष टोंक नगर में 57वें चातुर्मास के लिए चल रहा है। आचार्य श्री का यह तीसरी बार टोंक नगर में आगमन हो रहा है। इससे पूर्व वर्ष 1970 एवं 2016 में भी आपने चातुर्मास किया था। वर्ष 2025 में पूरे 55 वर्षों के बाद जैन समाज सहित नगरवासियों को यह ऐतिहासिक अवसर पुनः प्राप्त हुआ है। ऐतिहासिक संयोग और तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर टोंक नगर को तीन अद्वितीय सौभाग्य एक साथ प्राप्त हो रहे हैं। आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के आचार्य पदारोहण शताब्दी महोत्सव, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 75वां हीरक जन्म जयंती महोत्सव, संयम वर्ष का 57वां चातुर्मास होगा।
मंगल प्रवेश और शोभायात्रा निकाली
9 जुलाई को चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना के लिए 7 जुलाई को प्रातः भव्य नगर प्रवेश हुआ। मंगल प्रवेश के अवसर पर कल्पना गार्डन से जैन नसिया तक लगभग डेढ़ किमी लंबी दिव्य शोभायात्रा निकाली गई। पूरे मार्ग पर 31 भव्य स्वागत द्वार, आकर्षक विद्युत सजावट एवं पुष्पवर्षा की विशेष तैयारियां की गई थीं। जैन नसिया को आकर्षक सजावट से दुल्हन की तरह सुसज्जित किया गया था। जैसे ही आचार्य श्री ससंघ नगर सीमा में पहुंचेंगे, शाही बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, जयघोष और भक्ति के स्वर वातावरण में गूंज उठे। किशनगढ़, नेनवा एवं टोंक के शाही बैंड अपनी मधुर सुर लहरियों से स्वागत कर रहे थे।
36 साधु-साध्वी का दिव्य ससंघ आगमन
इस मंगल विहार में आचार्य श्री के साथ 10 मुनि, 22 आर्यिका, 1 ऐलक एवं 2 क्षुल्लक सहित कुल 36 साधु-साध्वी सम्मिलित हैं। नगर में अद्भुत उत्साह का वातावरण है। नगर के सभी धार्मिक-सामाजिक संगठन तन, मन, धन से जुटकर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। ऐसा वातावरण है मानो नगरवासी अनेक पर्वों को एक साथ उल्लासपूर्वक मना रहे है। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति इस ऐतिहासिक अवसर पर रहेगी। टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल, पूर्व विधायक अजीतसिंह मेहता, नगर परिषद की पूर्व सभापति लक्ष्मी देवी जैन, टोडारायसिंह के पूर्व चेयरमैन संतकुमार जैन, भाजपा युवा नेता विनायक जैन, संजय संघी, सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहकर आचार्य श्री ससंघ के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
चातुर्मास समिति के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे
चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भागचंद फूलेता, कार्यकारी अध्यक्ष धर्मचंद दाखिया, मंत्री राजेश सर्राफ, संयोजक कमल आंडरा, राजेश बोरदा, पप्पू नमक, लालचंद फूलेता, सुरेश संघी, सीटू आरटी, अनिल कंटान, सुमित दाखिया, अम्मु छामुनिया, नरेंद्र दाखिया, सुनील सर्राफ, पारस बहड़, विनोद कल्ली, प्रदीप सर्राफ, मुकेश करवर, टोनू सर्राफ, कमल सर्राफ, अंकित बगड़ी, किन्नी शिवाड़िया, मुकेश बरवास, सोनू बरवास, पंकज फूलेता, लोकेश कल्ली, राजेश शिवाड़िया, ओम ककोड़, नीटू छामुनिया, अर्पित पासरोटियां, ज्ञान संघी, कुंदन आंडरा, देवेंद्र आंडरा, उमेश संघी, मुकेश दतवास, वीरेंद्र संघी, पदमपुरा पदयात्रा संघ के सदस्य, शांतिधारा परिवार समिति के सदस्य, महिला मंडल, बालिका मंडल उपस्थित रहे। यह पुण्य अवसर टोंक नगर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत बन रहा है।













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