स्थानीय जैन मंदिर की दीवार तोड़कर मंगलवार की रात असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। इस घटना से जैन समाज में आक्रोश है। इस घटना को लेकर धरना दिया जा रहा है। असामाजिक तत्व समाजजनों को धमका रहे हैं। ग्वालियर से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…
ग्वालियर / थाटीपुर। स्थानीय जैन मंदिर की दीवार तोड़कर मंगलवार की रात असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। ग्वालियर के थाटीपुर में जैन मंदिर गुलाबचंद की बगीची में दिगंबर जैन समाज गत 100 वर्षों से पूजा कर रहा है और यह जैन समाज की आस्था का केंद्र है।यह प्रकरण ग्वालियर उच्च न्यायालय में प्रकरण क्रं. 411/2006 से लंबित है और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश है। 1-2 जुलाई की रात्रि में बड़ा सा तिरपाल डालकर गोपनीय तरीके से मंदिर की दीवार व गेट तोड़कर मंदिर में विराजमान भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने और सम्पत्ति में अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया। बुधवा सुबह 6 बजे जब जैन समाज के लोग मंदिर में दर्शन पूजन के लिए तब देखा गया कि रात्रि के अंधेरे में लोगों ने दीवार तोड़कर लोहे के दो गर्डर लगा दिए हैं और शटर लगाकार दो दुकानों पर कब्जा करने का असफल प्रयास किया गया। थाटीपुर जैन मंदिर की संपूर्ण भूमि का मालिकाना हक जैन मंदिर में विराजमान भगवान पार्श्वनाथ मूर्ति के नाम सन् 1935 रजिस्टर्ड के अनुसार है।
वर्तमान में मंदिर जी का प्रकरण ग्वालियर उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। असामाजिक तत्वों ने सुबह से एकल व समूह में आकर धरने पर बैठे जैन समाज को देख लेने की धमकी दी और कहा कि देखते हैं कैसे रोकोगे। इस घटना से जैन समाज बहुत भयभीत है। प्रशासन से निवेदन है कि समाज की संपत्ति की रक्षा के लिए आवश्यक पुलिस गार्ड नियुक्त किए जाएं। जब तक अवैध तरीके से तोड़ी दी दीवार पुनः निर्माण नहीं हो जाता। श्री दिगम्बर गोलालारे जैन समाज प्रबंध कार्यकारिणी समिति, थाटीपुर ने यह मांग की है।













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