विधायक शत्रुघ्न गौतम के नेतृत्व में होने वाला हरित पर्यावरण मैराथन दौड़ और आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज का मंगल विहार स्थगित कर दिया गया। बोहरा कॉलोनी स्थित पांडाल में हुए कार्यक्रम में स्थानीय विधायक शत्रुघ्न गौतम के आचार्य श्री से शीतलहर में मैराथन दौड़ और मंगलविहार स्थगित करने का निवेदन किया। केकड़ी से पढ़िए, यह खबर…
केकड़ी। विधायक शत्रुघ्न गौतम के नेतृत्व में होने वाला हरित पर्यावरण मैराथन दौड़ और आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज का मंगल विहार स्थगित कर दिया गया। बोहरा कॉलोनी स्थित पांडाल में हुए कार्यक्रम में स्थानीय विधायक शत्रुघ्न गौतम के आचार्य श्री से शीतलहर में मैराथन दौड़ और मंगलविहार स्थगित करने का निवेदन किया। आचार्य श्री ने विधायक का निवेदन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज एवं जैन समाज का मेरे लिए ऋण है। सकल जैन समाज ने विधायक शत्रुघ्न गौतम, जैन समाज के गौरव शहर मंडल अध्यक्ष रितेश जैन सहित भाजपा के पदाधिकारियों का सम्मान किया।
सनातन धर्म की रक्षा का सभी से निवेदन
विधायक ने कहा आचार्य सुनील सागरजी महाराज और आचार्य वैराग्य नंदी महाराज का भी मुझ पर भरपूर आशीर्वाद रहता है। आज मैं जो कुछ भी हूं, उनके आशीर्वाद से हूं। उन्होंने पहलगांव हमले और दिल्ली बम ब्लास्ट का भी जिक्र करते हुए सनातन धर्म की रक्षा का सभी से निवेदन किया। विधायक ने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए आचार्य गुरु प्रज्ञा सागरजी महाराज और जैन समाज का ऋण है। धर्मसभा में आचार्यश्री पुष्पदंत सागरजी महाराज का चित्र अनावरण और आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नेमिनाथ मंदिर के अध्यक्ष ज्ञानचंद सुनील कुमार जैन ज्वैलर्स परिवार ने प्राप्त किया। प्रातःकालीन जिनाभिषेक, नित्य नियम पूजा शांतिधारा आचार्य श्री के सानिध्य में की गई।
सांयकालीन कार्यक्रम भी हुए
शाम को वृद्ध जन सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमे 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का समाज ने सम्मान किया। आचार्य श्री ने माता-पिता की अपने जीवन मे महत्ता बताते हुए कहा कि भगवान की पूजा करने से पहले हमें अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा से ज्यादा पुण्य मिलता है। हम अपने शरीर की चमड़ी की जूती बनाकर माता-पिता को पहनाकर भी मातृ-पितृ ऋण से मुक्त नहीं हो सकते हैं। समाज के 100 वृद्ध माता-पिता का सम्मान समारोह हुआ। समाज ने उनका तिलक, माला, साफा दुप्पटे से स्वागत किया। परिवार के सदस्यों ने अपने माता-पिता के पाद प्रक्षालन किए और उनका आशीर्वाद लिया।
माता-पिता के बारे में बताया तो नम हुई आंखे
आचार्य श्री ने अपने माता-पिता के विषय में कहा तो सभी की आंखें नम हो गई। आचार्य श्री ने अपने गृहस्थ जीवन के माता-पिता के बारे में बताया तो आचार्य श्री सहित संपूर्ण समाज के लोगों की आंखों में आंसू आ गए और सभी की आंखें नम हो गई। संचालन कपिल भैया शास्त्री ने किया।













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