बदवानी में चातुर्मास के अवसर पर आर्यिका विंकुंदन श्री माताजी का 36वां अवतार दिवस धार्मिक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इसमें अभिषेक, शांतिधारा और भव्य धार्मिक कार्यक्रम हुए। पढ़िए दीपक प्रधान की खास रिपोर्ट…
बड़वानी में चातुर्मास के दौरान राष्ट्रसंत गणाचार्य विराग सागर जी महाराज की शिष्या, श्रमणि विदुषी आर्यिका विकूंदन श्री माताजी का 36वां वर्ष वर्धन दिवस धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव से मनाया गया। प्रातः समाजजन फुलिबाई धर्मशाला से बैंड-बाजों, भजनों और नृत्य के साथ शोभायात्रा में खंडेलवाल दिगंबर जैन मंदिर पहुँचे। यहाँ भगवान के अभिषेक का सौभाग्य राजेश गोधा को और शांतिधारा का सौभाग्य सुरेशचंद काला परिवार को मिला। माताजी के माता-पिता बेबी देवी और आदेश्वर लाल पचौरी ने दीप प्रज्वलन व आचार्य श्री के चित्र का अनावरण किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में अदिति काला, काव्या अजमेरा, नीलिमा पहाड़िया, महिमा काला आदि ने नृत्य प्रस्तुत किए, जबकि गायन सपना जैन और बबीता काला ने किया।
शाम को 36 दीपों से आरती उतारी
राजुल महिला मंडल द्वारा आयोजित नमोकार विधान में पंच परमेष्ठि के बीजाक्षरों के 36 अर्घ चढ़ाए गए। माताजी ने प्रवचन में माता-पिता के संस्कार, गुरु सेवा और समाधि मरण की महिमा बताई। शाम को 36 दीपों से आरती और आनंद यात्रा के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ। मुख्य रूप से विशेष सहयोग वीर सेवा संघ, समाज अध्यक्ष जिनेंद्र दोशी एवं राजुल महिला मंडल अध्यक्ष सरला जैन का रहा.













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