संतों की नगरी सनावद में संतों का आना नगर के लिए बहुत ही गौरव के पल होते हैं। इसी कड़ी में आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश नगर सनावद में हुआ। सन्मति काका ने बताया कि आर्यिका संघ पावागिरी ऊन की ओर से विहार कर सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकुट की वंदना कर के नगर में आया।आप के आगमन में बड़ी संख्या में समाजजन ओंकारेश्वर रोड पहुंचे। पढ़िए सन्मति जैन रिपोर्ट…
सनावद। संतों की नगरी सनावद में संतों का आना नगर के लिए बहुत ही गौरव के पल होते हैं। इसी कड़ी में आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश नगर सनावद में हुआ। सन्मति काका ने बताया कि आर्यिका संघ पावागिरी ऊन की ओर से विहार कर सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकुट की वंदना कर के नगर में आया।आप के आगमन में बड़ी संख्या में समाजजन ओंकारेश्वर रोड पहुंचे। जहां समाज की महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रख माताजी की आगवानी की तत्पश्चात रेल्वे गेट से समाजन जुलूस के रूप में नगर भ्रमण कर जिन मंदिरों के दर्शन करते हुए पार्श्व नाथ बड़ा जैन मंदिर पहुंचा। जहां जुलूस सभा के रूप में परिवर्तित हुआ। इस बीच सभी समाज जनों अपने घरों के सामने से आर्यिका माताजी के चरण धुलवाकर कर पुण्य अर्जित किया। सभा की शुरआत में सर्वप्रथम अंशुमा अभिजीत जैन के द्वारा मंगलाचरण किया गया। तत्पश्चात भगवन महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष मुनि सेवा समिति अध्यक्ष मुकेश जैन, राजेश जटाले, पवन धनोते, अखिलेश घाटे, पुष्पेंद्र पंचोलिया, प्रफुल जैन, अजय पंचोलिया, सुधीर जैन, रजनीश जैन के द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। तत्पचात मुनि सेवा समिति के सदस्यों साथ सभी समाज जनों ने आर्यिका माताजी को नगर में चातुर्मास हेतु निवेदन कर श्रीफल समर्पित किया।
आना सौभाग्य की बात
इसी कड़ी में आर्यिका सरस्वती माताजी ने अपने उद्बबोधन में कहा कि सनावद नगरी जो आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज सहित 17 त्यागियों की नगरी है। ऐसी नगरी में आना हमारा लिए बहुत बड़ी सौभाग्य की बात हैं। यहां की मिट्टी का हर एक एक कण बहुत ही पावन है। हम यहां ज्ञान देने आए हैं आप हम से जितना ज्यादा से ज्यादा से आप हमारी ज्ञान का उपयोग लेंगे उतना ही आप के ज्ञान की वृद्धि होगी। हमारा सनावद नगर में चातुर्मास करना जब ही सार्थक होगा जब आप सब धर्म की बहती गंगा में आप डुबकी लगा कर आप अपना जीवन सार्थक कर पायेंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत चौधरी ने किया। इस अवसर पर सभी समाज जन उपस्थित थे। इस अवसर पर सरल जटाले, सुधीर जैन, सुनील पावणा, कार्तिक जैन, नीरव जैन, अचिंत्य जैन महिमा जैन, प्रीति जैन वर्षा जैन सहित सभी समाजजन उपस्थित थे













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