समाचार

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज द्वारा रचित ‘मूकमाटी’ का अर्थज्ञान शिविर शुरू सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन


श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सकल दिगम्बर जैन समाज रामगंजमंडी के तत्त्वावधान में 9 दिवसीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की उत्कृष्ठ त्याग तपस्या को समर्पित उपकार महोत्सव के रूप में श्रमण संस्कृति द्वारा आयोजित 9 दिवसीय सम्यज्ञज्ञान शिविर एवं मूकमाटी अर्थज्ञान शिविर का भव्यता के साथ शुभारभ हुआ।पढि़ए अभिषेक जैन लुहाडिया की पूरी रिपोर्ट…


रामगंजमंडी । श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सकल दिगम्बर जैन समाज रामगंजमंडी के तत्त्वावधान में 9 दिवसीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की उत्कृष्ठ त्याग तपस्या को समर्पित उपकार महोत्सव के रूप में श्रमण संस्कृति द्वारा आयोजित 9 दिवसीय सम्यज्ञज्ञान शिविर एवं मूकमाटी अर्थज्ञान शिविर का भव्यता के साथ शुभारभ हुआ। इस क्रम में शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा दो मुख्य पांडुकशिला पर किया गया, जिसका सौभाग्य सुरेश कुमार सिद्धार्थ बाबरिया, चेतन कुमार पुलिन बागडिया, भगवानस्वरुप पदमकुमार, मयंक अयांश बडज़ात्या परिवार को प्राप्त हुआ। पूजन उपरान्त शिविर का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए नगर गौरव प्रशांत आचार्य ने शिविर का महत्त्व बताया एवं उन्होंने कहा कि इस शिविर में 300 से अधिक शिविरार्थी भाग ले रहे हंै, जो अपने आप में कीर्तिमान है। इस पुनीत बेला में रजत दीप स्थापना, रजत ध्वज स्थापना एवं रजत मंगल कलश की स्थापना की गई, जो मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से संपन्न हुई।

इन्हें मिला सौभाग्य

   इस पुनीत बेला में ध्वज स्थापना का सौभाग्य अशोककुमार संजय, अजय सावला परिवार, दीप स्थापना का सौभाग्य सुरेश कुमार सिद्धार्थ बाबरिया परिवार एवं शिविर मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य सुरेन्द्र कुमार, शुभभ जैन सागर वालों को प्राप्त हुआ। सभी का स्वागत संरक्षक अजितसेठी शांतिनाथ जैन मंदिर अध्यक्ष दिलीप विनायका उपाध्यक्ष चेतन बागडिया महावीर मंदिर महामंत्री पदम् सुरलाया आदि के द्वारा किया गया। इसके बाद अल्पआहार का भी आयोजन किया, जिसका सौभाग्य अजितकुमार सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। इस शिविर के द्वारा हर वर्ग धर्म का व्यक्ति ज्ञान प्राप्त करेगा साथ ही साथ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज द्वारा रचित कृति ‘मूकमाटी’ जो एक जीवंत कृति है, उसका अध्ययन करवाया जाएगा और बच्चों के रात्री में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित होगी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page