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जैन रत्न धर्माधिकारी वीरेन्द्र हेग्गड़े के अपमान से रोष: विरोध करने का समाजजनों का आह्वान 


धर्म, संस्कृति, राष्ट्र के रक्षक जैन रत्न धर्माधिकारी वीरेन्द्र हेग्गड़े के सम्मान की रक्षा के लिए समग्र जैन समाज को एकजुट होकर खड़े होना होगा। साथ ही पूरे भारत में आंदोलन करना होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। धर्म, संस्कृति, राष्ट्र के रक्षक जैन रत्न धर्माधिकारी वीरेन्द्र हेग्गड़े के सम्मान की रक्षा के लिए समग्र जैन समाज को एकजुट होकर खड़े होना होगा। साथ ही पूरे भारत में आंदोलन करना होगा। राजेश जैन दद्दू ने कहा कि आज हम सब एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां हमारे समाज के एक महान धर्म पुरुष, रत्न धर्मधिकारी वीरेंद्र हेग्गड़े को सोची समझी रणनीति के तहत कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। यह न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि हमारे समाज के गौरव शाली व्यक्ति एवं धार्मिक मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता पर सीधा सीधा प्रहार है। दद्दू ने कहा कि हेग्गड़े का योगदान मानव सेवा धर्म, सेवा और संस्कृति के क्षेत्र में दशकों से अतुलनीय है। उन्होंने हजारों लोगों को नैतिक जीवन, सेवा और आध्यात्मिकता की राह दिखाई है। कर्नाटक में धर्मस्थल जैसे पवित्र स्थान को उन्होंने न केवल संरक्षित किया, बल्कि उसे जनसेवा मानव सेवा का विशाल केंद्र बनाया। ऐसे धर्मनिष्ठ समाजसेवी व्यक्तित्व को बदनाम करना सत्य, धर्म और न्याय के विरुद्ध है।

राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन ने समग्र जैन समाज का आह्वान किया है कि अब हमारी ज़िम्मेदारी अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाएं। अब समय आ गया है कि पूरे कर्नाटक के जैन समाज एवं भारत वर्षीय जैन समाज एकता के साथ एकजुटता के साथ एक स्वर में खड़ा हो और हेग्गड़े के सम्मान की रक्षा के लिए खड़े रहकर विद्रोहियों का मुकाबला किया जाए और सरकार को भी चेतावनी दी जाए और कहा जाए कि हेगड़े के साथ न्याय किया जाए।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करें

अपने जिले के कलेक्टर को आवेदन पत्र देकर मांग करें कि हेग्गड़े को बदनाम करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आवेदन में स्पष्ट रूप से लिखा जाए कि यह समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है और प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। राजनीतिक प्रतिनिधियों को पत्र भेज कर अपना अपना विरोध दर्ज कराएं। अपने-अपने क्षेत्र के सांसद और विधानसभा सदस्यों एवं राष्ट्रीय नेताओं को पत्र लिखें, जिसमें हेग्गड़े के योगदान का उल्लेख हो। उनसे अपील की जाए कि वे सार्वजनिक रूप से हेगड़े को न्याय दिलवाएं। इस विषय को संसद/विधानसभा में उठाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करें। इंदौर नगर जैन समाज के वरिष्ठ जनों ने भी इस घटना पर खेद प्रगट करते हुए कहा कि एकता ही हमारी शक्ति है।

इन समाजजनों ने जताया विरोध की निंदा 

हमारी संस्कृति, अहिंसा, सत्य और धर्म पर आधारित है और जब इन मूल्यों पर हमला होता है तो हमारा मौन भी अन्याय को बल देता है। हम सब समाज जन डॉ, जैनेन्द्र जैन, अमित कासलीवाल, मनोहर झांझरी, सुशील पांड्या, हंसमुख गांधी, टीके वेद, सुभाष काला, नरेंद्र वेद, अशोक मेहता, कांतिलाल बम, संजय जैन, मंयक जैन, नकुल पाटोदी एवं पुष्पा कासलीवाल, रेखा जैन, मुक्ता जैन आदि ने कहा कि धर्मधिकारी हेग्गड़े का अपमान पूरे भारत वर्षीय जैन समाज का अपमान है। हम इसे सहन नहीं करेंगे। सत्य की रक्षा और धर्म के सम्मान के लिए एकजुट हों।

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