बुधवार को अंबाह में जैन समाज ने एक ऐतिहासिक आयोजन किया। जीतो के आह्वान पर शहर के पांच प्रमुख जैन मंदिरों में एक साथ नवकार मंत्र का सामूहिक जाप हुआ। श्री शांतिनाथ दिगम्बर बड़े जैन मंदिर, श्री महावीर जिनालय, श्री रुअर वाले मंदिर, श्री आदिनाथ जिनालय और श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने सुबह 8 बजकर 1 मिनट से 9 बजकर 36 मिनट तक एक ही समय पर मंत्रोच्चार किया। अंबाह से अजय जैन की पढ़िए यह खबर…
अंबाह। बुधवार को अंबाह में जैन समाज ने एक ऐतिहासिक आयोजन किया। जीतो के आह्वान पर शहर के पांच प्रमुख जैन मंदिरों में एक साथ नवकार मंत्र का सामूहिक जाप हुआ। श्री शांतिनाथ दिगम्बर बड़े जैन मंदिर, श्री महावीर जिनालय, श्री रुअर वाले मंदिर, श्री आदिनाथ जिनालय और श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने सुबह 8 बजकर 1 मिनट से 9 बजकर 36 मिनट तक एक ही समय पर मंत्रोच्चार किया। जिससे मंदिरों में धर्ममय वातावरण बना। साथ ही पूरे नगर में मंत्रों की गूंज सुनाई दी। इस आयोजन में अंबाह और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों को स्मरण करते हुए नवकार मंत्र का जाप किया। आयोजन का उद्देश्य विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था। इसका मकसद शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश फैलाना था। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के संरक्षक महेश चंद जैन एमपीईबी, अध्यक्ष अमित जैन टकसारी और महामंत्री कुलदीप जैन ने यह जानकारी दी।
मंत्रों की गूंज से दिव्य और शांतिपूर्ण वातावरण बना
नपा अध्यक्ष अंजली जैन ने बताया कि नवकार मंत्र जैन धर्म के पांच आराध्योंकृअरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधुओं का स्मरण कराता है। यह मंत्र श्रद्धालुओं को भगवान महावीर के सिद्धांतों की ओर प्रेरित करता है। उनके सिद्धांत अहिंसा, करुणा, सत्य और अपरिग्रह पर आधारित हैं। इस दौरान सभी मंदिरों में मंत्रों की गूंज से दिव्य और शांतिपूर्ण वातावरण बना। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के चरणों में आस्था और भक्ति व्यक्त की। आयोजकों ने कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं था। यह समाज में एकता, भाईचारे और सद्भावना का संदेश लेकर आया। उन्होंने कहा कि आज के समय में विश्व को शांति और सहयोग की जरूरत है। नवकार मंत्र के माध्यम से यह भावना फैलाना हमारा उद्देश्य है।
अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी
समूह ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नवकार मंत्र के माध्यम से न केवल अपनी आंतरिक शांति प्राप्त करें, बल्कि पूरे विश्व में शांति और समरसता के लिए भी प्रार्थना करें। आयोजन ने एकजुटता की मिसाल पेश की। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के जीवन और सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया। सामूहिक जाप के बाद दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने समाज के हर व्यक्ति से अपील की कि वे भगवान महावीर के सिद्धांतों का पालन करें। अपने जीवन को उनकी शिक्षाओं से मार्गदर्शित करें। इस आयोजन ने अंबाह में जैन धर्म की महत्ता को फिर से स्थापित किया। साथ ही समाज को शांति, करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।













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