चित्रकार जैन कमल ने णमोकार मंत्र पर विश्व की ऐसी पहली पेंटिंग बनाई है। जिसमें अक्षर और रंगों से ब्रह्म को पाने की आध्यात्मिक चित्रकारी की गई है और इस नायाब पेंटिंग को राजस्थान के करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के ध्यान केंद्र में स्थापित किया गया है। मुंबई से पढ़िए मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुंबई। देश के मशहूर कला संपादक, वरिष्ठ पत्रकार और अनूठे चित्रकार जैन कमल ने णमोकार मंत्र पर विश्व की ऐसी पहली पेंटिंग बनाई है। जिसमें अक्षर और रंगों से ब्रह्म को पाने की आध्यात्मिक चित्रकारी की गई है और इस नायाब पेंटिंग को राजस्थान के करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के ध्यान केंद्र में स्थापित किया गया है। इस मौके पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कर्नाटक धर्मस्थल के वीरेंद्र हेगड़े, जैन भामाशाह अशोक पाटनी, आचार्यश्री वर्धमान सागर जी, जिनवाणी चैनल के पवन गोधा सहित राजस्थान के मंत्री उपस्थित रहे। स्वतंत्र पत्रकार स्वाति जैन हैदराबाद को जैन कमल ने बताया कि यह पेंटिंग एक साधारण पेंटिंग नहीं है बल्कि आपको अध्यात्म के दर्शन कराती है। यह एक ऐसी पेंटिंग है, जिस पर नजर टिकाने पर कोई भी साधक ध्यान की अवस्था में पहुंच जाएगा और उसे मंदिर और चैत्यालय होने का साक्षात अनुभव होने लगेगा।
जैन कमल ने ध्यान केंद्र की एक दीवार को पूरे विधि-विधान और मंत्रों के साथ अभिमंत्रित कर इस पेंटिंग को स्थापित किया। पेंटिंग में भगवान महावीर के गुणों को दर्शाते हुए उन्हें पांच तत्व क्षिति, जल, पावक, गगन, समीर के माध्यम से दर्शाया गया है। इस पेंटिंग में पूरे ढाई लाख बीजाक्षरों का समावेश है। इससे इस पेंटिंग में समाहित ऊर्जा और आध्यात्मिक तरंगें जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती हैं।
णमोकार मंत्र पर 150 से ज्यादा पेंटिंग्स की सीरीज
विदित हो कि जैन कमल पहले ऐसे आर्टिस्ट हैं जिन्होंने अक्षरों को अपने चित्रों का माध्यम बनाकर इसे रंगों के साथ जोड़ा है और इन्हीं अक्षरों से ही ब्रह्म को पाने की कोशिश की गई है। कला के क्षेत्र में नित नवोन्मेष करने वाले जैन कमल आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पेंटिंग को नया स्वरूप देते हैं। इससे पहले इन्होंने णमोकार मंत्र पर 150 से ज्यादा पेंटिंग्स की सीरीज भी बनाई है। जिसकी एक-एक पेंटिंग में लाखों मंत्रों का समावेश है। अक्षरों के साथ नित नये प्रयोग करने वाले जैन कमल के प्रयासों से ही करोड़ों पाठक हर दिन इनके डिजाइन किए अक्षरों को पढ़ते हैं। आर्टिस्ट जैन कमल के इस पुनीत कार्य की सराहना करने वालों में आचार्य विद्यासागर जी, आचार्य श्री प्रमाण सागर जी, आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी, आचार्य श्री सुनीलसागर जी, आचार्यश्री महाश्रमण और प्रीतिश नंदी शामिल हैं।













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