नागपुर अजनी निवासी 95 वर्षीय सप्तम प्रतिमा धारी अमरचंद सिंघवी दूसरी बार 32 उपवास की तपस्या कर रहे हैं। सोमवार 25 अगस्त को मोठे मंदिर इंद्र भवन इतवारी में त्रय मुनिराजों के ससंघ सान्निध्य में जयघोष होगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
नागपुर अजनी निवासी दादाजी अमरचंदजी जयचंदजी सिंघवी, जो सप्तम प्रतिमा धारी हैं, 95 वर्ष की आयु में दूसरी बार 32 उपवास करने का महान संकल्प लेकर तपस्या कर रहे हैं। इस तप की विशेषता यह है कि यह केवल आहार का त्याग नहीं, बल्कि मन, वचन और काय की शुद्धि का अभ्यास है। शास्त्रों में वर्णित है कि 32 उपवास दोहराने से अनंत पुण्य बंध होता है और आत्मा मोक्षमार्ग की दिशा में अग्रसर होती है।
यह पावन अवसर सोमवार 25 अगस्त 2025 को मोठे मंदिर, इंद्र भवन, इतवारी, नागपुर में दोपहर 2 बजे संपन्न होगा। इस आयोजन में परम पूज्य पट्टाचार्य आचार्य भगवंत श्री 108 विशुद्धसागरजी महाराज, उनके परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री प्रशमसागरजी महाराज, मुनिश्री सुप्रभसागरजी महाराज और मुनिश्री प्रणतसागरजी महाराज संसंघ सहित सान्निध्य प्रदान करेंगे। सिंघवी परिवार ने समाजबंधुओं से सहपरिवार इस तप की अनुमोदना हेतु पधारने का विनम्र आग्रह किया है।













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