समाचार

श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान को लेकर पत्र - 6 : सच्चे गुरु के आशीर्वाद से दूर हो गईं सारी बाधाएं – प्रद्युम्न जैन


अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज एवं क्षुल्लक अनुश्रमण सागर महाराज के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन नव ग्रह ग्रेटर बाबा परिसर में 30 दिसंबर 2023 से 7 जनवरी तक श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार समारोह का आयोजन भी इसी कार्यक्रम में किया गया। आयोजन के बाद समाज के विभिन्न श्रेष्ठी जनों ने विधान की भव्यता को लेकर मुनि श्री को लिखा है। इसकी छठी कड़ी में पढ़िए प्रद्युम्न -नीना जैन के विचार…


नमोस्तु गुरुदेव

श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में चक्रवर्ती बनकर पूजन करना एक असंभव कार्य को संभव करने जैसा ही हुआ। यह केवल गुरुदेव पूज्यसागर जी के आशीर्वाद एवं भगवान के नित्य दर्शन- पूजन का ही परिणाम है क्योंकि मेरी धर्मपत्नी शासकीय व्याख्याता के पद कार्यरत हैं, जहां प्रतिवर्ष दिसंबर में शीतकालीन अवकाश मिलता है। इस वर्ष गुरुदेव के आशीर्वाद एवं श्री कल्पद्रुम विधान की आराधना भावना के उद्देश्य से शासकीय अवकाश भी जनवरी के प्रथम सप्ताह में मिला। मैं इसे श्री कल्पद्रुम विधान की महिमा ही कह सकता हूं। गुरुदेव ने हमें हमेशा यही कहा कि आप भाव बनाएं, सब अच्छा होगा। भक्त की भावना हो एवं सच्चे गुरुदेव का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद हो तो चाहे कितनी भी बाधाएं हों, स्वत: ही दूर हो जाती हैं। इस विधान के पूजन में जो आनंद मिला, वह अविस्मरणीय है। संपूर्ण पूजन पूरे विधि-विधान पूर्वक करना एवं चौबीसों भगवान के पांचों कल्याण की पूजा करना एवं जानना हमारे जैनत्व को सिद्ध करता है। प्रत्येक प्राणी को जीवन में कम से कम एक बार यह विधान अवश्य करना चाहिए। गुरुदेव के आशीर्वाद से इस तरह धर्म प्रभावना से जीवन सफल हो, इसी भाव के साथ नमोस्तु गुरुदेव…

प्रद्युम्न -नीना, प्रासुक, सिमोना जैन

ये भी पढ़े

पत्र नंबर 1 

पत्र नंबर 2

पत्र नंबर 3

पत्र नंबर 4

पत्र नंबर 5

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
7
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page