यदि आपके घर में अच्छे संस्कार बने रहे तो घर के सभी सदस्यों को औचित्य का बोध रहेगा। यह उद्गार मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने प्रवचन सभा में व्यक्त किए। भोपाल (अवधपुरी) से पढ़िए, अविनाश जैन विद्यावाणी की यह खबर…
भोपाल (अवधपुरी)। यदि आपके घर में अच्छे संस्कार बने रहे तो घर के सभी सदस्यों को औचित्य का बोध रहेगा। यह उद्गार मुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ने प्रवचन सभा में व्यक्त किए। नियमित प्रार्थना करने और प्रतिक्रमण करने से दोषों की मुक्ति संभव है, यदि परिवार के सभी सदस्य पांच मिनट का सामूहिक भावना योग करें तो आपके घर में कभी गलतफहमी नहीं रहेगी। मुनि श्री ने कहा कि यदि किसी से कभी कोई गलती हो जाए तो क्षमा मांगने का मनोभाव प्रत्येक सदस्य के मन में आना चाहिए। नियमित भावना योग करने से व्यक्ति समर्थ बनता है एवं वह परिस्थितियों से भागता नहीं।













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