श्रमण संस्कृति के महामहिम, संत चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का आज 7 मई को इंदौर से उज्जैन की ओर पदविहार संपन्न हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। श्रमण संस्कृति के महामहिम, संत चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का आज 7 मई को इंदौर से उज्जैन की ओर पदविहार संपन्न हुआ। विहार का शुभारंभ शाम 4 बजे समवशरण मंदिर, कंचनबाग से हुआ। आचार्यश्री का विहार मार्ग परदेशीपुरा, सुखलिया, लवकुश चौराहा होते हुए टोल नाके के आगे स्थित अशोक जी बजाजत्या के फार्म हाउस ‘श्रीकमल’ तक पहुंचा, जहां आज रात्रि विश्राम निर्धारित है। आचार्यश्री का यह विहार जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य का अवसर है।
कल प्रातः उज्जैन की ओर पुनः पदविहार प्रारंभ होगा और 11 मई 2025 को आचार्यश्री ससंघ का महाकाल की नगरी उज्जैन में भव्य मंगल प्रवेश प्रस्तावित है। मंगल प्रवेश के दौरान उज्जैन नगर “नमोस्तु शासन” की गूंज से गूंजायमान होगा। इस अवसर पर जैन समाज द्वारा विशेष स्वागत, चरण प्रक्षालन, शोभायात्रा एवं धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।













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