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विनयांजलि सभा में भक्तों ने व्यक्त किए उद्गार : आचार्य विरागसागर इस सदी के महान संत थे


 दिगम्बराचार्य श्री विरागसागर जी महाराज इस सदी के महानतम संत थे। वह अपने गुरु आचार्य श्री विमलसागर महाराज की तरह ही मृदुभाषी और शास्त्रज्ञ थे। आप अपने भक्तों के साथ ही सभी श्रावकों से बहुत ही स्नेह के साथ मिलते थे। मुरैना नगर में पूज्यश्री का लगभग चार-पांच बार आगमन हुआ। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…


मुरैना। दिगम्बराचार्य श्री विरागसागर जी महाराज इस सदी के महानतम संत थे। वह अपने गुरु आचार्य श्री विमलसागर महाराज की तरह ही मृदुभाषी और शास्त्रज्ञ थे। आप अपने भक्तों के साथ ही सभी श्रावकों से बहुत ही स्नेह के साथ मिलते थे। मुरैना नगर में पूज्यश्री का लगभग चार-पांच बार आगमन हुआ। आपने दया, अहिंसा और शाकाहार का प्रचार प्रसार करते हुए जैन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार प्रसार किया। अपने संयम काल में आपने 400 से अधिक दीक्षाएं प्रदान कीं। वर्तमान में सम्पूर्ण भारतवर्ष में आपके शिष्य जैन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार- प्रसार कर रहे हैं।

उक्त उद्गार श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा जैन मंदिर में आयोजित गणाचार्य विरागसागर जी महाराज की विन्यांजलि सभा में पुज्यश्री के भक्तों द्वारा व्यक्त किए गए। ज्ञातव्य हो कि जैन धर्म के निमित्त ज्ञानी आचार्य श्री विमलसागर जी महाराज के परम प्रभाव शिष्य विरागसागर महाराज की 04 जुलाई 2024 को संलेखना पूर्वक समाधि हो गई है। विगत दिवस बड़ा जैन मंदिर मुरैना में पूज्य क्षुल्लिका अक्षतमति माताजी, क्षुल्लिका क्षयोपसममति माताजी, क्षुल्लिका आप्तमति माताजी के सान्निध्य में विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया ।

सभा से पूर्व पूज्य आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के चित्र के समक्ष गुरुभक्त प्राचार्य अनिल जैन, जवाहरलाल बरैया, एडवोकेट धर्मेंद्र जैन, मनोज जैन नायक, वीरेंद्र जैन, अजय जैन खबरोली, ने दीप प्रज्वलित किया । सभा का संचालन विद्वत नवनीत शास्त्री ने किया। मंचासीन क्षुल्लिका माताजी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता देवीराम उपाध्याय, जवाहरलाल बरैया, प्रतिष्ठाचार्य संजय शास्त्री, राजेंद्र भंडारी, एडवोकेट धर्मेंद्र जैन, शेखर जैन, नवनीत शास्त्री, अनूप भंडारी ने बुंदेलखंड के प्रथम दिगम्बराचार्य विरागसागर महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए अनेकों संस्मरण बताएं।

सभा के आरंभ में सामूहिक नमोकर महामंत्र का पाठ किया गया । उपस्थित सभी गुरुभक्तों ने दीप अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए विनयांजलि दी। इस अवसर पर प्रेमचंद जैन बंदना, राजकुमार जैन राजू, विजय जैन मंत्री, महावीर प्रसाद जैन, आशीष जैन सोनू, ब्रजेश जैन दादा, अनिल नायक, पंकज जैन मेडिकल, कुशल जैन, नरेश जैन टिल्लू, रविंद्र जैन, नागेंद्र जैन दद्दू, सुभाष जैन, अशोक जैन मेडिकल, मुकेश जैन, अजय जैन, राकेश जैन, प्रदीप वरैया, जितेंद्र जैन, जैन छात्रावास के समस्त छात्रों सहित सैकड़ों की संख्या में गुरुभक्त बंधुवर, माताएं-बहिनें उपस्थित थे ।

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