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धर्म सभा में बताया गुरु पूर्णिमा का महत्व : आचार्य विहर्षसागरजी का शोभायात्रा के साथ चातुर्मास स्थल में हुआ मंगल प्रवेश 


गणाचार्य विराग सागर जी से दीक्षित आचार्य श्री विहर्षसागरजी, मुनिश्री विजयेशसागरजी एवं मुनि श्री विश्व हर्ष सागरजी ने सोमवार को शोभायात्रा के साथ दिगंबर जैन मंदिर रामचंद्र नगर से चलकर बड़ा गणपति एवं मल्हारगंज भ्रमण करते हुए चातुर्मास स्थल बड़ा गणपति स्थित मोदी जी की नसियां में मंगल प्रवेश किया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…


इंदौर। गणाचार्य विराग सागर जी से दीक्षित आचार्य श्री विहर्षसागरजी, मुनिश्री विजयेशसागरजी एवं मुनि श्री विश्व हर्ष सागरजी ने सोमवार को शोभायात्रा के साथ दिगंबर जैन मंदिर रामचंद्र नगर से चलकर बड़ा गणपति एवं मल्हारगंज भ्रमण करते हुए चातुर्मास स्थल बड़ा गणपति स्थित मोदी जी की नसियां में मंगल प्रवेश किया।

दिगंबर जैन पंचायती मंदिर अंजनी नगर के ऋषभ पाटनी एवं देवेंद्र सोगानी के निर्देशन में निकली एक किलोमीटर लंबी शोभा यात्रा में बैंड बाजे, एवं बग्घियों के साथ दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी एवं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका के नेतृत्व में आचार्य श्री विहर्ष सागरजी ससंघ सहित नगर के सभी जैन मंदिरों के अध्यक्ष एवं सोशल ग्रुप इंदौर रीजन के पदाधिकारी एवं सदस्य उमंग और उत्साह के साथ जयकारा लगाते और झूमते हुए एवं दिगंबर जैन महिला मंडल की सदस्याएं मंगल गीत गाती हुई पैदल चल रही थीं।

शोभा यात्रा के भ्रमण के दौरान मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर उनकी उतारी और आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। अचार्य श्री ने मार्ग में पड़ने वाले चंदा प्रभु जिनालय, रामासाह मंदिर एवं बीसपंथी मंदिर के दर्शन भी किये। शोभायात्रा के मोदी जी की नसियां पहुंचने पर पंचलशकरी ट्रस्ट के योगेंद्र काला, नीरज मोदी ,कमल काला एवं नसिया महिला मंडल ने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर उनकी अगवानी की‌।

ध्वजारोहण विहर्ष ज्वेलर्स एवं बड़जात्या ज्वेलर्स परिवार ने किया एवं मंगलाचरण पंडित रमेशचंद बांझल ने किया। आचार्य विराग सागरजी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन राकेश , आदित्य एवं राहुल गोधा ,राजकुमार पाटोदी एवं राकेश विनायका ने किया। एम के जैन, राजेंद्र सोनी, ‌विमल अजमेरा, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, रितेश पाटनी, विपुल बांझल, बाहुबली पांड्या, कमल काला पदम मोदी, सुशील पांडया आदि गणमान्य जनों ने आचार्य श्री को श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कलश स्थापना 9 जुलाई को 

आचार्य श्री ने 3 जून को नगर प्रवेश किया था और आज 3 जुलाई गुरु पूर्णिमा के दिन चातुर्मास स्थल मोदी जी की नसियां में प्रवेश किया। मंगल कलश की स्थापना 9 जुलाई को दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद एवं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के संयुक्त तत्वाधान में मोदी जी की नसियां में होगी। इस अवसर पर सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आचार्य श्री द्वारा सामाजिक संसद एवं फेडरेशन के तत्वावधान में चातुर्मास करने की स्वीकृति प्रदान करने से यह चातुर्मास पूरे इंदौर का होकर अपूर्व धर्म प्रभावना करेगा। इसके लिए हम आचार्य श्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

बताया गुरु पूर्णिमा का महत्व

आचार्य श्री ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए गुरु पूर्णिमा का महत्व बताया और कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु और शिष्यों के बीच परस्पर में वात्सल्य का दिवस है। गुरु आपके हैं और आप गुरु के हैं। गुरु एक चुंबक की तरह होता है जो अपने भक्तों को अपनी ओर खींच लेता है गुरु ही समाज को जागृत करते हैं और शिष्य को संसार की भटकन से बचने का मार्ग बताते हैं।

आचार्य श्री ने इंदौर में चातुर्मास करने का उद्देश्य बताते हुए कहा कि मैं अपने गुरु आचार्य विराग सागर जी की आज्ञा से विभिन्न गुटों में बिखरी समाज को जागृत करने और समाज के बिखरे हुए सारे मोतियों (गुटों) को एक माला में पिरोकर एक करने आया हूं। धर्म सभा को मुनि श्री विजयेशसागरजी एवं रितु दीदी ने भी संबोधित किया। समारोह का संचालन युवा पंडित अर्पित वाणी ने किया। आभार राकेश विनायका ने व्यक्त किया।

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