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सर्व समुदाय विनयांजलि सभा में श्रद्धासुमन अर्पित : आचार्य विद्यासागर साक्षात भगवान का रूप थे -जिनेश जैन


ऐसे महापुरुष, महानसंत संसार में यदा कदा ही अवतरित होते हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा, मानवसेवा, गौसेवा, शाकाहार का उपदेश देते हुए अपना अंतिम लक्ष्य संल्लेखना समाधि को प्राप्त कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त किया है। उक्त उद्गार अम्बाह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जिनेश जैन ने आचार्यश्री की विनयांजलि सभा में व्यक्त किए ।पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट….


मुरैना। गुरुदेव आचार्य विद्यासागर महाराज इस धरा पर संत के रूप में साक्षात भगवान का रूप थे। इसी लिए लोग उन्हें आचार्य भगवन और वर्तमान के वर्धमान की तरह पूजते थे। पूज्य श्री को सर्व समुदाय के लोग श्रद्धा भाव के साथ नमन करते थे, उनके उपदेश सुनते थे, उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया करते थे। ऐसे महापुरुष, महानसंत संसार में यदा कदा ही अवतरित होते हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा, मानवसेवा, गौसेवा, शाकाहार का उपदेश देते हुए अपना अंतिम लक्ष्य संल्लेखना समाधि को प्राप्त कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त किया है। उक्त उद्गार अम्बाह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जिनेश जैन ने आचार्यश्री की विनयांजलि सभा में व्यक्त किए ।

अचानक चले जाना दुखद

मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर ने आचार्य श्री को विनयांजलि देते हुए कहा कि ऐसे संत जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानवकल्याण के लिए समर्पित कर दिया और हम सभी को जीवदया एवं परोपकार का संदेश दिया, उनका अचानक हमारे बीच से चले जाना हम सभी के लिए दुखद है। इसी संदर्भ में बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी ने बताया कि आचार्य श्री ने कभी भी अपनी चर्या से समझौता नहीं किया। अंतिम समय में भी वह पूर्णतः सजग थे। वर्तमान में आचार्य श्री के द्वारा दीक्षित 400 से अधिक साधु संत, साध्वियां पूज्य श्री के सिद्धांतों का अक्षरः पालन करने हेतु संकल्पित हैं।

ये रहे मौजूद

विनयांजलि सभा में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विक्रमराज मुदगल, प्रदेश सचिव मनीष उपाध्याय, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनूप जैन, अतुल माहेश्वरी, एल के गुप्ता, टिकटौली के संरक्षक जगदीश चंद जैन, अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, नेमीचंद जैन, विजय जैन मंत्री, मुन्नी साहूला, द्वारिका प्रसाद एडवोकेट, करुणा जैन, समाजसेवी मनोज जैन, डी के जैन, पदमचंद जैन, महेन्द्रकुमार शास्त्री, चक्रेश शास्त्री, नवनीत शास्त्री, भारती जैन सहित अनेकों लोगों ने पूज्य श्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विनयांजलि सभा में सभी समुदाय के लोग मौजूद थे। सभा का संचालन जैन संस्कृत महाविद्यालय के छात्रावास अधीक्षक चक्रेश शास्त्री ने किया।

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