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आचार्य श्री विद्यासागर महाराज आचार्य छतीसी महामंडल विधान में वातावरण विद्यासागरमय हो गया जब एक साथ छतीस परिवारों ने विधान कर बनाया कीर्तिमान


विगत तीन दिनों से संस्कारों का श्रंखनाद करते हुए संस्कार शिविर चल रहा। जिसमें हर वर्ग ज्ञान गंगा मे सराबोर हो रहा है और धार्मिक शिक्षा अध्यन कर रहा है। इसी क्रम में रविवार को आचार्य विद्यासागर महाराज छतीसी महामंडल विधान किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय होने के साथ विद्यासागरमय हो गया। पढि़ए अभिषेक जैन लुहाडिय़ा की पूरी रिपोर्ट….


रामगंजमंडी। विगत तीन दिनों से संस्कारों का श्रंखनाद करते हुए संस्कार शिविर चल रहा। जिसमें हर वर्ग ज्ञान गंगा मे सराबोर हो रहा है और धार्मिक शिक्षा अध्यन कर रहा है। इसी क्रम में रविवार को आचार्य विद्यासागर महाराज छतीसी महामंडल विधान किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय होने के साथ विद्यासागरमय हो गया। शिविर संयोजक आकाश जैन आचार्य ने बताया कि प्रात: बेला में श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। दो मुख्य पांडुकशिला पर शांतिधारा का सौभाग्य दिलीप कुमार, अरुण विनायका, संजय आकाश बागडिया, अशोक कुमार, महावीर बाबरिया को प्राप्त हुआ।

इसके बाद आचार्य गुरुवर विद्यासागर छतीसी महामंडल विधान किया गया। इस विधान में विशेष बात यह रही एक साथ छतीस परिवारों ने छतीस मंडलों पर एक साथ यह महामंडल विधान किया गया। यह नगर में पहला अवसर था जब एक साथ छतीस परिवारो ने यह विधान किया जो एक कीर्तिमान लिख गया। सभी भक्ति से ओत प्रोत रहे। हर कोई भक्ति में मगन दिखाई दे रहा था। इस महामंडल विधान में आचार्य परमेष्टि के छतीस मूलगुणों का वर्णन किया गया। महामंडल विधान में सोधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य प्रधुमन अमन, अभिकरण अमय, अमोय सुरलाया परिवार को प्राप्त हुआ। इन्हीं के द्वारा मुख्य दीप स्थापना व मंगल कलश स्थापित किया गया।

महामंडल विधान में आचार्य विनोद जैन ने चांदनी फीकी पड़ जाए भजन से सभी को भक्ति से ओत प्रोत कर दिया एवं हेमंत जैन आचार्य के भक्तिमय भजन सुन भक्त अपने आप को झुमने से नहीं रोक पाए। लगभग पांडाल खचाखच भर हुआ था। मंदिर परिसर जय गुरुदेव आचार्य श्री की जय जयकार से गुंजायमान रहा। विधान उपरान्त भक्ति में झूमते हुए मंगल आरती की गई। इसके बाद अल्पाहार का आयोजन हुआ जिसका सौभाग्य दिलीप कुमार अरुण कुमार विनायका परिवार को दिलीप विनायका वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर प्राप्त हुआ ।

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