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आदर्श नगर में आचार्य श्री अतिवीर जी का होगा आगमन : 40 साल बाद यहां चातुर्मास का सौभाग्य


राजधानी की धर्मनगरी मजलिस पार्क (आदर्श नगर) का सकल जैन समाज इतिहास के पन्नों में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। लगभग 40 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी दिगंबर जैन मुनि का मंगल चातुर्मास यहां होने जा रहा है। दिल्ली से पढ़िए, समीर जैन की यह खबर…


दिल्ली। राजधानी की धर्मनगरी मजलिस पार्क (आदर्श नगर) का सकल जैन समाज इतिहास के पन्नों में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। लगभग 40 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी दिगंबर जैन मुनि का मंगल चातुर्मास यहां होने जा रहा है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एकता, श्रद्धा और समरसता का अनूठा उदाहरण है क्योंकि, इस ऐतिहासिक चातुर्मास को दिगंबर और श्वेताम्बर जैन समाज संयुक्त रूप से करने जा रहे हैं। आचार्य श्री शांतिसागर जी (छाणी) परंपरा के प्रमुख आचार्य श्री अतिवीर जी महाराज का आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य का विषय है। समाज के वरिष्ठजनों के अनुसार आदर्श नगर में यह पहली बार है। जब किसी दिगम्बर जैन मुनि का चातुर्मास हो रहा है और वह भी श्वेताम्बर समाज के पूर्ण समर्थन व सहयोग के साथ।

यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा, बल्कि समाज में सामूहिकता और धार्मिक सौहार्द की मिसाल भी पेश करेगा। समस्त आदर्श नगर क्षेत्र में इस चातुर्मास को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समाज के हर वर्ग अपनी-अपनी भूमिकाओं में बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। आचार्य श्री के सान्निध्य में चातुर्मास के दौरान विभिन्न धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा जो समस्त समाज में नवचेतना का संचार करने में सहायक होंगे।

एकता की नई मिसाल बनेगा यह आयोजन

आदर्श नगर जैन समाज पिछले 6-7 वर्षों से निरंतर प्रयासरत रहा है कि क्षेत्र में पूज्य आचार्य श्री का चातुर्मास स्थापित हो जाए। यह समाज की संकल्प शक्ति, समर्पण और श्रद्धा का ही परिणाम है कि इस वर्ष यह स्वप्न साकार हो सका है। आचार्य श्री के आगमन के साथ ही समाज को वह आध्यात्मिक सौभाग्य प्राप्त हो रहा है जिसकी प्रतीक्षा वर्षों से की जा रही थी। जहाँ अक्सर अलग-अलग पंथों के कार्यक्रम अलग-अलग होते हैं, वहीं इस बार दोनों जैन संप्रदायों ने मिलकर एक ऐतिहासिक पहल की है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाएगा कि मत भले अलग हों, परंतु धर्म और सेवा की भावना हमें एक सूत्र में बाँध सकती है।

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Shreephal Jain News

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