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प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी समापन पर होंगे विविध धार्मिक कार्यक्रम : बूँदी में 3 से 7 अक्टूबर तक चलेगा पांच दिवसीय आयोजन


बूँदी स्थित बघेरवाल छात्रावास के शांतिसागर सभा मंडपम् में 3 से 7 अक्टूबर तक प्रथमाचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पढ़िए रविन्द्र काला की रिपोर्ट…


बूँदी। बघेरवाल छात्रावास के शांतिसागर सभा मंडपम् में जैन समाज के परम पूज्य चारित्र चक्रवर्ती प्रथमाचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। यह आयोजन 3 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज, आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर महाराज, आचार्य श्री 108 सुमति सागर महाराज के आशीर्वाद तथा मुनि श्री 108 वैराग्य सागर महाराज व मुनि श्री 108 सुप्रभ सागर महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न होगा।

चातुर्मास व्यवस्था समिति के मंत्री दिनेश बोरखण्डिया ने बताया कि 3 अक्टूबर को मंगलाचरण, चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन आचार्य शांति सागर महाराज की संगीतमय पूजन होगी और वक्ता उनके गृहस्थ जीवन, वंश परंपरा और साधना जीवन पर प्रकाश डालेंगे।

4 अक्टूबर को आचार्यश्री के उत्तर भारत में विहार और प्रभाव पर विचार प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि 5 अक्टूबर को उनकी उपाधियाँ, आगम संरक्षण कार्य, व्रत-उपवास और समाजोत्थान हेतु किए गए योगदान का उल्लेख होगा। 6 अक्टूबर को उनके उपदेश, संलेखना साधना, उपसर्ग और पट्ट परंपरा में आचार्य वर्धमान सागर महाराज के कृतित्व पर विशेष चर्चा होगी।7 अक्टूबर को आचार्यश्री की परंपरा में हुए प्रमुख आचार्यों और आचार्य विद्यासागर महाराज के व्यक्तित्व पर वक्तव्य दिए जाएंगे।

महाराज के जीवन से जुड़े चित्रों की प्रदर्शनी भी लगेगी

प्रतिदिन सुबह 10 बजे शांति सिंधु मंडप में मुनि श्री वैराग्य सागर व मुनि श्री सुप्रभ सागर महाराज मंगल प्रवचन देंगे। शाम को शंका समाधान कार्यक्रम भी होगा। 7 अक्टूबर की रात प्रसिद्ध भजन गायक अक्षय जैन की भजन संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में देशभर से गुरु भक्त शामिल होंगे। इस अवसर पर आचार्य शांति सागर महाराज के जीवन से जुड़े चित्रों की प्रदर्शनी भी लगेगी तथा सभी आगंतुकों के लिए वात्सल्य भोज की व्यवस्था रहेगी।

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