सप्ताह में सात दिन होते हैं और सभी का अपना अलग-अलग महत्व होता है। यह विचार आचार्य श्री विनम्रसागर महाराज ने विजयनगर पंच बालयती मंदिर में चल रहे शिविर में भक्तामर के 31 व 32 वें छंद की व्याख्या समझाते हुए व्यक्त किए। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। सप्ताह में सात दिन होते हैं और सभी का अपना अलग-अलग महत्व होता है। यह विचार आचार्य श्री विनम्रसागर महाराज ने विजयनगर पंच बालयती मंदिर में चल रहे शिविर में भक्तामर के 31 व 32 वें छंद की व्याख्या समझाते हुए व्यक्त किए। आयोजक राहुल जैन, धर्मेंद्र जैन और डीके जैन ने बताया कि 48 दिनी भक्तामर शिविर और विधान कार्यक्रम में आचार्यश्री ससंघ के सान्निध्य में सुबह अभिषेक एवं शांतिधारा विधान का आयोजन किया गया।
मुख्य पुण्यार्जक हर्ष तृप्ति जैन परिवार, मनोज कुमार रानी जैन रहे। ब्रह्मचारी सुरेश मलैया जिनेश मलैया ने बताया मंदिर में ध्वजारोहण भी किया गया। आयोजन में शहीद लेफ्टिनेंट गौतम के माता-पिता सुमत प्रकाश एवं सुधा जैन का सम्मान किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला, प्रदीप शास्त्री, राजीव निराला आदि मौजूद थे।













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