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नव वर्ष पर कुंडलपुर में श्रद्धालु भक्तों का उमड़ा जन सैलाब, बड़े बाबा के अभिषेक के लिए भक्तों की लगी लंबी कतार : स्वतंत्रता संग्राम में जैन वीर सपूत ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति दी गई


सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर, पूज्य बड़े बाबा की अतिशय स्थली, संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की तपस्थली में नव वर्ष 2025 के शुभ आगमन पर पूज्य बड़े बाबा के चरणों में श्रद्धालु भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पढ़िए एक रिपोर्ट…


कुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर, पूज्य बड़े बाबा की अतिशय स्थली, संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की तपस्थली में नव वर्ष 2025 के शुभ आगमन पर पूज्य बड़े बाबा के चरणों में श्रद्धालु भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नववर्ष की पूर्व संध्या से ही कुंडलपुर में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु भक्तों का आना प्रारंभ हो गया। रात्रि में 8 बजे से जैन नाटक समिति पनागर के 90 प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में जैन वीर सपूतों के बलिदान की जीवन गाथा ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति के मंचन द्वारा उपस्थित भारी जनसमूह का मनमोह लिया। कलाकारों का अभिनय सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के शुभारंभ में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ किया गया

कार्यक्रम के शुभारंभ में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ सहित पदाधिकारी सदस्यों ने अतिथियों एवं सभी कलाकारों का स्वागत अभिनंदन किया। देर रात तक नाटक की प्रस्तुति होती रही। मुख्य अतिथि हटा विधायक उमा देवी खटीक ने सभी कलाकारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। बारह बजते ही पूज्य बड़े बाबा के श्री चरणों में जनसमूह उमड़ पड़ा और नव वर्ष 2025 का स्वागत नाचते गाते पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती के साथ किया। प्रचारमंत्री जयकुमार जैन जलज ने बताया कि नये वर्ष की प्रातः बेला में भक्तामर महामंडल विधान संपन्न हुआ। पूज्य बड़े बाबा के अभिषेक के लिए श्रद्धालु भक्तों की लंबी कतार लगना शुरू हो गई। एक-एक भक्तों ने क्रम से आकर नए वर्ष का शुभारंभ पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक कर किया। दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा।

इन्हें मिला सौभाग्य

इस अवसर पर शांतिधारा, रिद्धि कलश करने का सौभाग्य अशोक, आयु,ष सुदीप, पप्पू, बड़े बाबा ड्रेसेस सागर, रमेशचंद्र अनीता विकास दिल्ली, जीतू भाई रायचंद दिनेश, विशाल शाह अहमदाबाद, मुरारीलाल विजय ऋषभ हरदोई लखनऊ, राहुल सुषमा अजमेरा अशोकनगर, संतोष कुमार कोतमा, ऑर्थव सिंधु प्रक्षाल मेरठ, संभव पारस गौरझामर, गौरव आदि बड़ोद, लक्ष्मीचंद नरेश बीना, अभिनव मुकेश फिरोजाबाद, अनुराग आशीष गौरझामर ने सौभाग्य प्राप्त किया।

जैन सपूतों के स्वतंत्रता संग्राम में दिए योगदान की गाथा का मंचन किया गया

जैन नाटक समिति के 90 कलाकारों ने 14वीं सदी में उल्लाल बेंगलुरु कर्नाटक की महारानी अबक्का का, 1857 में शहीद लाला हुकुमचंद जैन कानूनगो हांसी हरियाणा, शहीद अमरचंद भाटिया ग्वालियर, क्षुल्लक गणेशप्रसाद जी वर्णी जैसे जैन सपूतों के स्वतंत्रता संग्राम में दिए योगदान की गाथा का जीवंत अभूतपूर्व मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। स्वतंत्रता संग्राम में जैन नामक ग्रंथ स्वर्गीय कपूरचंद जैन, ज्योति जैन खतौली द्वारा संकलित किया गया। संयोजक मंच संचालन राहुल बड़कुल, डायरेक्टर विद्याधर खजांची, बहन पूजा मोदी, प्रिया खजांची, प्रशांत जैन लालू का नाट्यमंचन में विशेष सहयोग रहा। रात्रि में भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती की गई।

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