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टीएमयू और इंडियन फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन के बीच एमओयू : राष्ट्रीय-अंतररष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए मील का पत्थर साबित होगा


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी और इंडियन फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन-आईपीए के बीच ऐतिहासिक एमओयू साइन हुआ। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रोफेसर श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर…


मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी और इंडियन फार्मास्यूटिकल एसोसिएशन- आईपीए के बीच ऐतिहासिक एमओयू साइन हुआ। इस एमओयू के तहत फार्मास्यूटिकल शिक्षा, रिसर्च, फैकल्टी डवलपमेंट और छात्रों के कौशल संवर्धन के लिए दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है। आईपीए के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह एमओयू टीएमयू फार्मेसी कॉलेज के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम, छात्र प्रशिक्षण कार्यशालाएं, उद्योग सहभागिता, शोध सहयोग और राष्ट्रीय-अंतररष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। टीएमयू की ओर से डॉ. वैभव रस्तोगी, डॉ. अमित कंसल और प्रो. आशु मित्तल जबकि आईपीए की ओर से प्रतिनिधि डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. नीरज और डॉ. मिम्मोना अख्तर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. वीके जैन ने एमओयू को परिणामोन्मुखी और छात्र केंद्रित बताते हुए प्रति वर्ष कम से कम छह संयुक्त गतिविधियों के आयोजन का लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया। इस मौके फार्मेसी कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल प्रो. मयूर पोरवाल आदि की भी उपस्थिति रही।

एआई की बढ़ती भूमिका पर व्यापक चर्चा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर पर राउंड टेबल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ केयर विषय पर हुई। राउंड टेबल चर्चा में स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्यूटिकल शिक्षा और शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई की बढ़ती भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर आईपीए की ओर से डॉ. राजेश अग्रवाल ने फार्मास्यूटिकल साइंसेज में एआई के अनुप्रयोगों- जैसे ड्रग डिस्कवरी, फार्मूलेशन डवलपमेंट, क्वालिटी कंट्रोल, रेगुलेटरी साइंसेज एवं पर्सनलाइज्ड मेडिसिन पर विस्तृत और प्रेरक व्याख्यान दिया।

एआई की परिवर्तनकारी भूमिका रेखांकित

मेडिकल और डेंटल साइंसेज के विशेषज्ञों ने निदान, उपचार योजना, रोगी प्रबंधन और क्लिनिकल निर्णय प्रणाली में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया। चर्चा के अंत में सभी प्रतिभागियों ने भविष्य की स्वास्थ्य शिक्षा और शोध में एआई को अनिवार्य बताते हुए अंतर्विषयक सहयोग और कौशल विकास पर बल दिया। राउंड टेबल चर्चा में मेडिकल कॉलेज के उप-प्राचार्य प्रो. प्रीथपाल सिंह मटरेजा, डेंटल साइंसेज के प्रो. सतीश सिवान, फार्मेसी के प्रो. फूलचंद्र, डॉ. राजेश, डॉ. हरि बाबू, डॉ. केके शर्मा, डॉ. आदित्य विक्रम जैन आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।

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