तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में संविधान दिवस पर एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त और श्री सत्यपाल सैनी ने संविधान, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों पर प्रभावी बात रखते हुए स्टूडेंट्स को संविधान शपथ दिलाई। पढ़िए श्रीफल साथी श्याम सुंदर भाटिया की रिपोर्ट
“संविधान सिर्फ किताब नहीं, देश की धड़कन है!”
टीएमयू, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में संविधान दिवस समारोह का शुभारंभ प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और संविधान शपथ के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने संविधान के आदर्शों, नागरिक अधिकारों-कर्तव्यों और भारत की लोकतांत्रिक संरचना पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा—
“संविधान शपथ औपचारिकता नहीं, राष्ट्र के प्रति जीवंत प्रतिबद्धता है।”
उन्होंने युवाओं से संविधान के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
लोकतंत्र की धड़कन: सत्यपाल सैनी
एमएलसी सत्यपाल सैनी ने भारतीय संविधान की विशिष्टता और सर्वसमावेशी संरचना पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“संविधान सिर्फ परीक्षा का विषय नहीं, भारतीय लोकतंत्र की धड़कन है।”
उन्होंने नागरिकों की जिम्मेदारी को सर्वोपरि बताते हुए लॉ स्टूडेंट्स को संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
संविधान—एक जीवित दस्तावेज
लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने कहा कि भारत का संविधान सात दशक से अधिक समय से स्थिरता, प्रगतिशीलता और लोकतांत्रिक संस्कृति का आधार है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दुनिया के कई देशों में सरकारें अस्थिर रहती हैं या संविधान बार-बार बदला जाता है, वहीं भारत में संविधान सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता को समेटे हुए मजबूत आधार प्रदान करता है।
प्राचार्य का संदेश
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार सिंह ने संविधान को “राष्ट्र की आत्मा” बताते हुए कहा कि एक जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र को जीवंत रख सकता है।
उन्होंने स्टूडेंट्स से अपने कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उपस्थिति
समारोह में डॉ. अमित वर्मा, डॉ. डाल चंद गौतम, डॉ. कृष्ण मोहन मालवीय, डॉ. सुशीम शुक्ला, डॉ. बिशनानंद दुबे, डॉ. सौरभ बटार, डॉ. योगेश गुप्ता, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. करिश्मा अग्रवाल, डॉ. माधव शर्मा सहित बड़ी संख्या में लॉ स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
“संविधान को पढ़िए, समझिए और जी-भरकर अपनाइए… क्योंकि यही है भारत की असली ताकत!”













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