सागर के शांतिनाथ धाम, सिरोंजा स्थित BTIRT प्रांगण में 19–20 नवम्बर को आयोजित अखिल भारतीय दिगम्बर जैन शास्त्रि-परिषद् की कार्यकारिणी बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पावन अवसर पर विद्वानों का सम्मान और ‘श्रावक शिरोमणि’ उपाधि का अलंकरण मुख्य आकर्षण रहा। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
सागर। अखिल भारतीय दिगम्बर जैन शास्त्रि-परिषद् की कार्यकारिणी बैठक 19–20 नवम्बर 2025 को BTIRT प्रांगण, शांतिनाथ धाम, सिरोंजा सागर में परिषद् अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। यह बैठक चर्या शिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज की सन्निधि में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान हुई, जिससे समूचे वातावरण में आध्यात्मिक गरिमा झलक रही थी।
19 नवम्बर की रात्रि को आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए, जिनमें श्रवणबेलगोला महामस्तकाभिषेक के अवसर पर आयोजित विद्वत संगोष्ठी के आलेखों का प्रकाशन, परिषद् का अभिनंदन-ग्रंथ तैयार करना, वेबसाइट और सदस्यता सूची का अद्यतन कार्य तथा सोशल मीडिया के सदुपयोग को बढ़ावा देना शामिल रहा। बैठक का संचालन महामंत्री ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने किया। इस अवसर पर परिषद् के संरक्षक श्रेष्ठी संतोष जैन घड़ी द्वारा सभी विद्वानों को पगड़ी, तिलक एवं माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
20 नवम्बर को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के विशाल मंच से कार्यकारिणी की विशेष बैठक आयोजित हुई, जहाँ विद्वानों ने आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज को श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव समिति द्वारा सभी विद्वानों का सामूहिक सम्मान किया गया। परिषद् अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस जैन ने कहा कि परिषद् दिगम्बर जैन परम्परा, देव-शास्त्र-गुरु की परंपरा और आर्ष साहित्य के संरक्षण के प्रति समर्पित है। महामंत्री ब्र. जय निशांत जैन ने परिषद् की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जबकि विभिन्न विद्वानों—डॉ. नरेन्द्र कुमार जैन, पं. विनोद जैन, पं. जयंत जैन, पं. राजकुमार शास्त्री, डॉ. सुनील जैन संचय—ने परिषद् के योगदान पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. आशीष जैन आचार्य सागर ने किया।
इस अवसर पर श्रेष्ठी संतोष जैन घड़ी को ‘श्रावक शिरोमणि’ उपाधि से विभूषित किया गया। उन्हें प्रशस्ति-पत्र, शाल, श्रीफल एवं माला प्रदान की गई। सागर जैन समाज सहित विभिन्न संस्थाओं ने भी सम्मान-पत्र भेंटकर उनके आयोजन और सेवाभाव की सराहना की।
अंत में परिषद् द्वारा प्रकाशित बुलेटिन पत्रिका “आचार्य श्री विशुद्धसागर विशेषांक” को परिषद् पदाधिकारियों और संपादक मंडल ने माननीय गोपाल भार्गव तथा श्रेष्ठी संतोष जैन घड़ी को भेंट किया।













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