जयपुर में आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज ने सात भगवती जिन दीक्षा प्रदान की । दीक्षा संस्कार मंत्रोच्चार और धार्मिक उल्लास के बीच सम्पन्न हुआ । जयपुर रिपोर्टर की रिपोर्ट
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज का दिन आध्यात्मिक रंगों से सराबोर रहा। आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज से सात आत्माओं ने भगवती जिन दीक्षा ग्रहण कर सांसारिक बंधनों से मुक्ति का मार्ग अपनाया।
दीक्षा की पावन विधि के दौरान आचार्य श्री ने सातों दीक्षार्थियों के सिर पर मंत्र संस्कार किया और उनके हाथों में शुभ सामग्रियां रखकर दीक्षा संस्कार की पूर्णता की। जैसे ही आचार्य श्री ने दीक्षा मंत्र उच्चारित किए, वातावरण “जय जयकार ” के उद्घोष से गूंज उठा।
आज से सभी दीक्षार्थी अपने 28 मूलगुणों और संस्कारों के अनुरूप व्रत धारण कर तप और संयम के मार्ग पर अग्रसर होंगे।
दीक्षा प्राप्त करने वाले आत्माओं के नए नाम इस प्रकार हैं —
विकास भैया बने मुनि श्री सुयोग्य सागर जी
उमंग भैया बने मुनि श्री श्रुतांश सागर जी
पंकज भैया बने मुनि श्री सुधैर्य सागर जी
प्रकाश भैया बने क्षुल्लक सुधीर सागर जी
किरण दीदी बनीं आर्यिका सुस्थिर मति माता जी
मंजू दीदी बनीं क्षुल्लिका श्री सुस्थित मति माता जी
नक्षी दीदी बनीं क्षुल्लिका श्री सुस्थान मति माता जी
इस दीक्षा महोत्सव का भव्य आयोजन श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, चित्रकूट कॉलोनी, सांगानेर तथा भगवती जिन दीक्षा महोत्सव समिति द्वारा किया गया। समारोह स्थल कंवर का बाग, सांगानेर, जयपुर रहा, जहाँ श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला।
श्रद्धालुजन अपने आराध्य के प्रति समर्पित होकर भाव-विभोर हुए। कार्यक्रम में जैन समाज के अनेक प्रतिष्ठित जन, साधु-साध्वी गण और धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।













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