मुरैना में पूज्य मुनि श्री विलोकसागरजी एवं मुनि विबोधसागरजी के पावन सान्निध्य में आयोजित णमोकार मंत्र लेखन प्रतियोगिता में 250 से अधिक प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
मुरैना में जैन धर्म के शाश्वत महामंत्र णमोकार के लेखन का कार्य वर्षा काल में निरंतर चलता रहा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुण्यार्जक परिवार द्वारा विभिन्न आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। सर्वाधिक लेखन 65000 बार करने पर कमलेश जैन सिलवानी को फ्रिज, 60014 पर गुंजन जैन राजू गारमेंट्स को वाशिंग मशीन और 52500 पर रुचि जैन वलेह को आटा चक्की देकर सम्मानित किया गया।
मुनिश्री ने अपने संबोधन में कहा कि मंत्रों के स्मरण, जाप और लेखन से पापों का क्षय होता है तथा लौकिक और पारलौकिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए हमें सदैव श्रद्धा और भक्ति के साथ मंत्र जाप करना चाहिए ताकि मोक्ष मार्ग की दिशा में अग्रसर हो सकें।
इस पावन अवसर पर विलोक सागर बालिका मंडल एवं समाज की बच्चियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनसे वातावरण भक्ति एवं आध्यात्मिकता से भर उठा।













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