भोपाल में गुणायतन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने “विद्याप्रमाण गुरुकुलम्” के शुभारंभ पर आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह संस्था समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और जैनत्व संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…
भोपाल। गुणायतन भोपाल द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि “गुरुकुलम्” का शुभारंभ नये स्वरूप में होगा। मुनि श्री ने बताया कि यह आयोजन न केवल भारत बल्कि विश्व भर से बड़ी विभुतियों को जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् की योजना इंदौर में बनी, लेकिन इसकी शुरुआत का सौभाग्य भोपाल को मिला है।
मुनि श्री ने इस अवसर पर समाज को संदेश देते हुए कहा कि मंदिर बनाना सरल है, लेकिन ऐसे संस्थान बनाना कठिन है। समाज में जैनत्व को सुरक्षित रखना और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना आज आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे योगदान भी समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं, जैसे राम सेतु निर्माण में रेत गिराने वाली गिलहरी का योगदान।
कार्यक्रम का संचालन विद्याप्रमाण गुरुकुलम् भोपाल के महामंत्री अनुभव सराफ ने किया। इस अवसर पर मध्यभारत गुणायतन के अध्यक्ष नरेन्द्र जैन टोंग्या, दि. जैन पंचायत भोपाल के अध्यक्ष मनोज बांगा, गुरुकुलम् के अध्यक्ष विनीत गोधा, राजेश जैन भारिल्ल, रोहित सुगंधि लाल जैन, अमर जैन अभिताभ मन्या, विनोद एम.पी.टी., अनुपम पंडित, संदीप गोधा, दयोदय महासंघ अध्यक्ष प्रेमचंद्र प्रेमी, पंकज सुपारी सहित अन्य वक्ताओं ने उपस्थित रहकर मुनि श्री के प्रति कृतज्ञता अर्पित की।
इस कार्यक्रम में भोपालवासियों की सहभागिता और उत्साह देखकर यह स्पष्ट हुआ कि “गुरुकुलम्” की इस नई पहल से समाज में शिक्षा, प्रतिभा और जैन मूल्यों का प्रसार और सशक्त होगा।













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