मुनि श्री विनम्रसागर जी का मंगल प्रवेश बागीदौरा से नौगामा में गुरुवर को प्रातः बैंडबाजों के साथ जनसमूह द्वारा अगवानी की गई। मुनि श्री ने भगवान महावीर समवशरण मंदिर, आदिनाथ मंदिर में भगवान के दर्शन किए। वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान के दर्शन अभिभूत हुए। नौगामा से पढ़िए, सुरेशचंद गांधी की यह खबर…
नौगामा। मुनि श्री विनम्रसागर जी का मंगल प्रवेश बागीदौरा से नौगामा में गुरुवर को प्रातः बैंडबाजों के साथ जनसमूह द्वारा अगवानी की गई। मुनि श्री ने भगवान महावीर समवशरण मंदिर, आदिनाथ मंदिर में भगवान के दर्शन किए। वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान के दर्शन अभिभूत हुए। विशाल जनसमूह के साथ महाराज श्री सुखोदय तीर्थ पहुंचे। जहां पर 24 टोंक मुख्य मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा आदि के दर्शन कर भगवान मुनिसुव्रत नाथ मंदिर शीघ्र बने। इसके लिए आशीर्वाद प्रदान किया। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य पिंडारमियां प्रदीप रतनलाल मोहनलाल मीठालाल परिवार को प्राप्त हुआ।
तत्पश्चात गीतकार की मधुर स्वर लहरियों के साथ भगवान का अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का सौभाग्य नंदन जैन को प्राप्त हुआ। इसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया। विधानाचार्य रमेशचंद्र गांधी के दिशा निर्देशन में भगवान महावीर स्वामी एवं आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज की पूजन बड़े भक्ति भाव से महिलाओं ने गरबा नृत्य करते हुए विभिन्न गांव से पधारे हुए धर्मप्रेमी बंधुओं द्वारा अष्ट द्रव्य के थाल सजाकर नाचते-गाते हुए अर्घ्य चढ़ाए। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीय, प्रधान सुभाष खराड़ी, ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश सुथार, सरपंच नरेश परमार का आगमन हुआ। सभी अतिथियों को दुपट्टा औढ़ाकर समाज द्वारा सम्मान किया गया।
भरडा केसरीमल हीरालाल डडूका ने लाडू के लिए राशि भेंट की। निर्वाण कांड पूजा के बाद बड़े भक्ति भाव से पधारे हुए धर्म प्रेमी बंधुओं द्वारा निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। दिगंबर जैन समाज द्वारा वात्सल्य भोज दिया गया। आभार कोषाध्यक्ष रमणलाला जैन और सुभाष चंद्र नानावटी ने माना।













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