समाचार

रागियों के बीच से निकले वैराग्य मार्ग पर क्षुल्लक श्रुतसागरजी : नांद्रे में हुआ श्रुतसागरजी का 79वां अवतरण दिवस, मुनि श्री ने बताया संयम अपनाने का प्रेरक मार्ग


नांद्रे (महाराष्ट्र) में भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लक श्रुतसागर जी महाराज का 79वां अवतरण दिवस श्रद्धा व भक्ति से मनाया गया। मुनि जयंत सागर जी महाराज ने कहा कि क्षुल्लक जी ने रागियों के बीच रहकर भी वैराग्य का मार्ग अपनाकर संयम और साधना की मिसाल प्रस्तुत की है। पढ़िए अभिषेक अशोक पाटील की खबर…


नांद्रे (महाराष्ट्र)। 13 अक्टूबर 2025 को 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, नांद्रे में एक विशेष आयोजन के अंतर्गत क्षुल्लक श्री 105 श्रुतसागर जी महाराज का 79वां अवतरण दिवस (वर्षवर्धन) मनाया गया। यह आयोजन अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद, कोल्हापुर के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसके कार्याध्यक्ष श्री अभिषेक अशोक पाटील विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुतसागर जी महाराज नांद्रे जिनमंदिर में विराजमान रहे।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज ने कहा कि आज अधिकांश लोग यह मानते हैं कि गृहस्थ जीवन में फँस जाने के बाद धर्म पालन संभव नहीं है, लेकिन क्षुल्लक श्रुतसागर जी महाराज ने इस भ्रांति को अपने जीवन से तोड़ दिया। उन्होंने सिद्ध कर दिखाया कि दृढ़ संकल्प और वैराग्य भाव से किसी भी अवस्था में संयम को धारण किया जा सकता है।

जीवन को मोक्षमार्ग की दिशा में समर्पित किया 

मुनि श्री ने बताया कि क्षुल्लक जी का जन्म 13 अक्टूबर 1947 को अक्कलकोट में हुआ था। उन्होंने डॉक्टर पद पर रहते हुए भी सांसारिक मोह छोड़कर वैराग्य मार्ग अपनाया। 13 जून 2021 को उन्होंने श्री सम्मेद शिखरजी में आचार्य श्री विशुद्धसागर जी के सान्निध्य में क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण की और अपने जीवन को मोक्षमार्ग की दिशा में समर्पित कर दिया।

मुनि श्री जयंत सागर जी ने कहा कि क्षुल्लक जी उन सभी के लिए प्रेरणा हैं, जो मानते हैं कि गृहस्थ रहते हुए धर्म पालन कठिन है। उन्होंने रागियों के बीच रहकर वैराग्य का संदेश दिया और संयम व साधना से अपने जीवन को सार्थक बनाया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page