झुमरी तिलैया जैन समाज का महावंदना ग्रुप 28 और 29 अक्टूबर को लगभग 251 महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए डोली एवं पैदल वंदना का आयोजन करने जा रहा है। यह यात्रा झारखंड के पवित्र तीर्थ सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत पर होगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
झुमरी तिलैया। जैन धर्म के शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत की 27 किलोमीटर लंबी वंदना यात्रा के लिए झुमरी तिलैया जैन समाज का महावंदना ग्रुप 28 और 29 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक आयोजन करने जा रहा है।
इस यात्रा में लगभग 251 महिला-पुरुष एवं वरिष्ठ नागरिक सम्मिलित होंगे। इन श्रद्धालुओं के लिए डोली, पालकी और पैदल वंदना का विशेष प्रबंध किया गया है। समूह के संस्थापक लोकेश जैन पाटोड़ी, सुमित सेठी और रौनक कासलीवाल ने बताया कि जैन धर्म का यह तीर्थ सभी के लिए मोक्षदायी स्थल है, लेकिन वृद्धजनों के लिए पर्वत की कठिन चढ़ाई चुनौतीपूर्ण होती है। इसलिए यह समूह पिछले 10 वर्षों में चौथी बार सीनियर सिटीज़न श्रद्धालुओं को पर्वत वंदना के लिए लेकर जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सभी श्रद्धालुओं की बस और गाड़ियों से यात्रा व्यवस्था, ठहरने का प्रबंध, भोजन-पानी, तथा पर्वत पर डोली व्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी महावंदना ग्रुप के 40 युवा सदस्यों द्वारा की जा रही है। इस बार की महावंदना यात्रा में हजारीबाग, रांची, पेटरवार, नवादा, गिरिडीह, कोलकाता, औरंगाबाद, बरहमपुर, दिल्ली, अजमेर, जबलपुर, हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई सहित कई शहरों से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। अनुमान है कि इस बार 500 से अधिक जैन श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।
आध्यात्मिक शांति और धर्म भाव का संचार हो सके
मुख्य रूप से आयोजन की तैयारी में राजीव छाबड़ा, आनंद पांड्या, अमित गंगवाल, अमित सेठी, संजय ठोलया, मनीष गंगवाल, प्रशम सेठी, कुणाल ठोलया, संजय छाबड़ा, विकास सेठी, राहुल छाबड़ा, अक्षय गंगवाल, ईशान कासलीवाल, ईशान सेठी, विकास कासलीवाल, ऋषभ पहाड़िया, जॉन्टी काला, आयुष गंगवाल, नमन सेठी, बाबू काला, अभिषेक जैन, अंकित ठोलया, सिद्धांत सेठी, आशिका कासलीवाल, गुंजन पाटोड़ी, दीपाली सेठी, अंकिता सेठी, शिल्पा ठोलया, ज्योति पहाड़िया, ऋतु सेठी, मोनिका गंगवाल, प्रिया छाबड़ा, प्रिया पांड्या, नेहा गंगवाल और अन्य सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं। इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य वृद्धजनों को बिना किसी कठिनाई के सम्मेद शिखर पर्वत की वंदना का पुण्य लाभ दिलाना है, जिससे हर सहभागी के जीवन में आध्यात्मिक शांति और धर्म भाव का संचार हो सके।













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