गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी ससंघ के सानिध्य में भगवान ऋषभदेव आदि पांच तीर्थंकरों की जन्म भूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या में माताजी के 92 वें जन्मदिन और 74वें संयम दिवस पर शरद पूर्णिमा रत्नत्रय महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को सुबह 6 बजे से बडी मूर्ति भगवान ऋषभदेव 31 फुट उतंग प्रतिमा जी के अभिषेक और शांतिधारा की गई। अयोध्या से उदयभान जैन की पढ़िए, यह खबर…
अयोध्या। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी ससंघ के सानिध्य में भगवान ऋषभदेव आदि पांच तीर्थंकरों की जन्म भूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या में माताजी के 92 वें जन्मदिन और 74वें संयम दिवस पर शरद पूर्णिमा रत्नत्रय महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को सुबह 6 बजे से बडी मूर्ति भगवान ऋषभदेव 31 फुट उतंग प्रतिमा जी के अभिषेक और शांतिधारा की गई। इसके बाद आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की महा पूजा बड़े ही भक्ति भाव के साथ हुई। जिसके सौधर्म इंद्र कमलकुमार कासलीवाल मुंबई ने 101 सामूहिक अर्घ्य समर्पित किए। सभी ने भक्ति भावना से जयमाला पर नृत्य प्रस्तुत किए। अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, जयपुर ने बताया कि दोपहर 2 बजे भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी का नियमित राष्ट्रीय अधिवेशन पूर्व न्यायाधीश कैलाश चांदीवाल महाराष्ट्र के मुख्य आतिथ्य एवं तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन गाजियाबाद की अध्यक्षता में हुआ। जिसके विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पारुल जैन थे। मंगलाचरण प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन एवं स्वागत उद्वोधन अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवनप्रकाश जैन ने दिया।
इस अवसर परभारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी को ’कालजयी’व्यक्तित्व’ उपाधि से नवाजा गया। कार्यक्रम में गणिनी प्रमुख श्री ज्ञान मती माताजी, प्रज्ञा श्रमणी चंदनामती माताजी, पीठाधीष रविंद्र कीर्ती स्वामी जी ने कहा कि तीर्थ संरक्षण के लिए संपूर्ण जैन समाज का योगदान होना चाहिए। अधिवेशन में सुनयना जैन लखनऊ, जय कुमार जैन कोटा, विजयकुमार लुहाडिया, कैलाश जैन सराफ लखनऊ, पवन घुवारा, संजय पापडीवाल, जवाहरलाल जैन सिकंद्राबाद, जम्बूप्रसाद जैन गाजियाबाद, कैलाश चांदीवाल, शरद जैन दिल्ली ने तीर्थ क्षेत्र के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि
मंगलवार सुबह 6 बजे 31 फुट उतंग प्रतिमा जी का महामस्तिकाभिषेक किया गया। दोपहर 2 बजे से माताजी की मुख्य विनयांजलि सभा एवं त्रिलोक शोध संस्थान का सर्वाेच्च गणिनी ज्ञानमती पुरस्कार 2025 प्रदान किया जाएगा। शाम 7 बजे आरती एवं सांस्कृतिक संध्या आदि कार्यक्रम होंगे। मंच संचालन हसमुख गांधी इंदौर ने किया।













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