समय-समय पर दिगंबर जैन मंदिरों में भगवान का अतिशय देखने में आता है। सोमवार को शहर के प्राचीन जबरी बाग नसिया जी में स्थित चैतन्य चमत्कारी मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में एक बार फिर अतिशय देखने में आया। इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर…
इंदौर। समय-समय पर दिगंबर जैन मंदिरों में भगवान का अतिशय देखने में आता है। मंदिर में विराजमान भगवान अलग-अलग तरह से अतिशय प्रस्तुत कर भक्तों, श्रावकों को अचंभित कर देते हैं तो इन्हें देखकर भक्त भी अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं। शहर में भी कई प्राचीन मंदिर चमत्कारी और अतिशय के लिए विख्यात हैं। इन मंदिरों में समय-समय पर कुछ न कुछ विशेष अतिशय तो नजर आते हैं ही हैं। सोमवार को शहर के प्राचीन जबरी बाग नसिया जी में स्थित चैतन्य चमत्कारी मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में एक बार फिर अतिशय देखने में आया। मंदिर में आए भक्तों के अनुसार जबरी बाग़ नसिया जी में चैतन्य चमत्कारी मूलनायक श्री पार्श्वनाथ भगवान के मंदिर में प्रतिदिन की भांति सोमवार को भी सुबह वेदी मंगल करते समय रजत दीपक जलता हुआ मूलनायक भगवान के समक्ष रखा गया था। सोमवार रात 10.30 बजे जब मंदिर जी मंगल हो रहा तब भी दीपक जलता रहा और उसमें घी आधा भरा हुआ नजर आया।
यहां यह अतिशय देख भक्त भगवान की जय-जयकार करने लगे। इसी मंदिर में पहले भी कई बार अतिशय होते भक्तों ने देखे हैं। चैतन्य चमत्कारी मूलनायक श्री पारसनाथ भगवान की जय हो। इस अतिशय के साक्षी मां करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह गोतम जी भी हुए। उन्होंने कहा इस चैतन्य चमत्कारी मूलनायक श्री पार्श्वनाथ भगवान जी के दर्शन करने से मेरे मन में एक आलोकित व दिव्य शक्ति मिली। सही में नसिया जी इन्दौर का यहां मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है अद्भुत आलोकित है।













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