नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दस लक्षण महापर्व का आयोजन अत्यंत भव्य और श्रद्धा से संपन्न हुआ। विधानाचार्य पंडित प्रकाश चन्द जैन के सानिध्य में आयोजित इस महापर्व में प्रवचन, भक्ति संगीत, प्रश्न मंच और दीपकों की आराधना ने वातावरण को पावन बना दिया। पढ़िए सुभाष जैन की पूरी रिपोर्ट…
श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, काठमांडू में विधानाचार्य पंडित प्रकाश चन्द जैन सांगानेर के सानिध्य में दस लक्षण महापर्व का आयोजन 10 दिनों तक बड़े ही धूमधाम से हुआ। प्रत्येक दिन प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन के पश्चात संगीतमय विधान मंडल की पूजा संपन्न होती रही। सायंकालीन कार्यक्रमों में महाआरती का विशेष महत्व रहा। संगीतमय महाआरती के बाद पंडित प्रकाश चन्द जैन ने दस धर्मों पर गहन और प्रेरणादायी प्रवचन दिए, जिनमें जीवन में संयम, तप और धर्मपालन के महत्व को स्पष्ट किया गया। इसके साथ ही प्रश्न मंच और भक्ति संगीत कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
निर्वाण महोत्सव पर परंपरानुसार लड्डू चढ़ाया
सुगंध दशमी और उत्तम संयम धर्म के पावन अवसरों पर विशेष पूजन, धूप खेकर और 48 दीपकों से भव्य महाअर्चना आयोजित हुई। अनंत चतुर्दशी के दिन वासु पूज्य भगवान के निर्वाण महोत्सव पर परंपरानुसार लड्डू चढ़ाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंदिर प्रांगण को विशेष सजावट और विद्युत रोशनी से अलंकृत किया गया था। महासचिव राजेश जैन के अनुसार संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन गायक अरुण आनंद और महावीर प्रसाद काला रांची द्वारा प्रस्तुत भजनों व दोहों ने धार्मिक माहौल को और भी प्रभावशाली बनाया।
दसलक्षण महापर्व के दौरान विशेष तपस्या भी की गई। श्री संजय काला ने 10 दिन और श्रीमती चांदनी जैन ने 3 दिन का तप कर जैन धर्म की प्रभावना बढ़ाई। समारोह के अंत में मंदिर परिसर जयकारों से गूंजायमान हो उठा। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भक्ति और उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन मंदिर समिति अध्यक्ष सुभाष जैन सेठी और महासचिव राजेश जैन के निर्देशन में किया गया।













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