मुरैना में पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर नगर के प्रमुख जैन मंदिरों में जिनाभिषेक का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने युगल मुनिराजों के सान्निध्य में कलशाभिषेक और शांतिधारा में भाग लिया। पढ़िए मनोज जैन नायक की खास रिपोर्ट…
मुरैना में पर्यूषण पर्व के समापन एवं विदाई पर नगरवासियों ने नगर के प्रमुख जैन मंदिरों में जिनाभिषेक का आयोजन किया। दसलक्षण पर्व में चातुर्मासरत मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य एवं निर्देशन में दस धर्मों की उपासना और आराधना निरंतर संपन्न हुई।
अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में संध्याकालीन समय में श्री जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक हुआ। युगल मुनिराजों के सान्निध्य एवं निर्देशन में प्रथम कलश से अभिषेक रोशनलाल अनूपकुमार जैन ने किया। प्रथम शांतिधारा सुभाषचंद अतुल जैन रैहट वाले, द्वितीय शांतिधारा जगदीश प्रसाद गौरव जैन कैथोदा वाले एवं आरती का सौभाग्य विलोकसागर बालिका मंडल को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात चार कलशों से राकेश जैन, वीरेंद्र जैन, मोहित जैन और ईशान जैन ने जिनाभिषेक किया।
भक्ति और आध्यात्मिक चेतना को और किया प्रगाढ़
लोहिया बाजार स्थित श्री चंद्रप्रभु पल्लीवाल जैन मंदिर में भी पूज्य गुरुदेव के सान्निध्य में जिनाभिषेक संपन्न हुआ। प्रथम कलश से अभिषेक पदमचंद नितिन जैन सर्राफ ने किया। शांतिधारा यतींद्रकुमार संजय जैन द्वारा संपन्न हुई। फूलमाला प्राप्त करने का सौभाग्य नेमीचंद राजेंद्रकुमार जैन को प्राप्त हुआ।
दोनों स्थानों पर जिनाभिषेक के दौरान सभी धार्मिक क्रियाएं नीरज शास्त्री भगवा के मंत्रोचारण के साथ संपन्न कराई गईं। पूज्य गुरुदेव मुनिश्री विबोधसागर जी महाराज के मुखारबिंद से शांतिधारा का वाचन भी किया गया। इस भव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और आध्यात्मिक चेतना को और प्रगाढ़ किया।













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