महरौनी स्थित श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम आकिंचन्य दिवस का आयोजन हुआ। मुनिश्री गुरूदत्त एवं मुनिश्री मेघ दत्त ने प्रवचन में भौतिक मोह त्याग कर आत्मिक विकास का संदेश दिया। पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट…
महरौनी के श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत उत्तम आकिंचन्य दिवस भव्य रूप से मनाया गया। प्रातःकालीन बेला में मुनिश्री गुरूदत्त एवं मुनिश्री मेघ दत्त के सानिध्य में सामूहिक अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ।
मुनिश्रियों ने अपने प्रवचनों में कहा कि जीवन की वास्तविक उन्नति भौतिक संपत्ति या मोह में नहीं बल्कि आत्मिक जागरण में है। मोह और आसक्ति का त्याग ही मोक्ष की ओर ले जाता है। संयम, सद्गुण और सच्चे मूल्य अपनाकर मनुष्य आत्मिक प्रगति कर सकता है।
सांध्यकालीन वेला में मैना सुंदरी नाटक का मंचन एवं श्री यशोदय सुधा सागर महिला मंडल द्वारा नृत्य प्रस्तुति आयोजित हुई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नगर के चंद्राप्रभु, शांतिनाथ और श्री यशोदय तीर्थों में भी दशलक्षण पर्व की भव्य धूम देखने को मिली।













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