पावन पर्यूषण 2025 महामहोत्सव के अंतर्गत जयपुर और अयोध्या में रंगशाला प्रॉडक्शन द्वारा प्रभु श्री नेमीनाथ जी की महागाथा व भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक संस्कार पर आधारित महानाट्य का भव्य मंचन किया गया, जिसे दर्शकों से भरपूर सराहना प्राप्त हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
जयपुर के वैशाली नगर नेमीसागर कॉलोनी में 28 व 29 अगस्त को पर्यूषण महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत रंगशाला प्रॉडक्शन इन्दौर / मुम्बई द्वारा निर्देशिका जैन रत्न साधना मादावत जैन के निर्देशन में प्रभु श्री नेमीनाथ जी की वैभवशाली महागाथा पर आधारित महानाट्य का मंचन किया गया। 25 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस नाटक में जहां प्रभु श्री नेमीनाथ जी की भव्य बारात और वैराग्य के मार्मिक क्षणों का जीवंत मंचन हुआ, वहीं तपस्वी राजुल के विरह ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। दर्शकों ने इस प्रस्तुति को भावभीनी सराहना दी।
निर्देशिका साधना मादावत जैन ने सांस्कृतिक माध्यम से धर्म प्रभावना का जो अनूठा कार्य किया, उसे समाज ने अत्यधिक प्रशंसनीय माना। यह प्रस्तुति आज की पीढ़ी को संस्कारित करने का एक सशक्त प्रयास रही।
भारतीय संस्कृति और धार्मिक संस्कार” पर आधारित महानाट्य का महामंचन
इसी श्रृंखला में 31 अगस्त को अयोध्या में पूज्य गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के सान्निध्य में आयोजित पर्यूषण पर्व के अंतर्गत “भारतीय संस्कृति और धार्मिक संस्कार” पर आधारित महानाट्य का महामंचन किया गया। देशभर से आए श्रावक-श्राविकाओं ने इस प्रस्तुति का हृदय से स्वागत किया और गहन प्रभावना का अनुभव किया। कलाकारों में आर्यन, हिमांशु, प्रकाश, विक्रम, मयंक, समीर, इलैशा, हिमांकी, लवीना, जया, आयुष्मान, किशोर, जयशी, मंदाकिनी, सलोनी और कविता शामिल रहे। सूत्रधार की भूमिका अनीता गंगवाल ने निभाई तथा प्रकाश व्यवस्था मनीष काला द्वारा की गई।













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