अंबाह में पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की आराधना हुई। विद्वानों ने अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का संदेश दिया। पंडित आयुष शास्त्री के प्रवचनों में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। रात को प्रश्न मंच का आयोजन हुआ जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा-अर्चना होगी। पढ़िए अजय जैन की ख़ास रिपोर्ट…
अंबाह नगर में पर्युषण पर्व के दूसरे दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल अद्भुत रहा। श्री दिगंबर जैन मंदिर परेड परिसर में पंडित आयुष शास्त्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि अहंकार सभी दुखों का मूल कारण है और विनम्रता से ही आत्मा का शुद्धिकरण संभव है। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं और वातावरण भक्ति व आस्था से सराबोर रहा।
रात्रिकाल में प्रश्न मंच का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों और युवाओं ने धार्मिक प्रश्नों के उत्तर उत्साहपूर्वक दिए। महेश चंद जैन (एमपीईबी) और मृदुला जैन ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी धर्म की गहरी जड़ों का प्रमाण है।
सीधेपन और सच्चाई को अपनाने का संकल्प लेंगे
पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा-अर्चना होगी। विद्वान प्रवचनकार इस अवसर पर सरलता और सत्यता के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। श्रद्धालु छल-कपट छोड़कर जीवन में सीधेपन और सच्चाई को अपनाने का संकल्प लेंगे।













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