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रक्षा बंधन पर्व संकल्प के साथ शनिवार को मनाया जाएगा: जयकारों के बीच निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा


जैन धर्मावलंबियों द्वारा रक्षाबंधन के पर्व शनिवार, 9 अगस्त को साधु-संतों की रक्षा धर्म, तीर्थ संस्कृति की रक्षा के संकल्प दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाएंगे। रक्षाबंधन दिवस पर हस्तिनापुर में 700 जैन मुनियों के उपसर्ग को दूर कर मुनियों की रक्षा की थी। इसलिए रक्षा बंधन पर्व पर महामुनि विष्णु कुमार की पूजा की जाएगी। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। जैन धर्मावलंबियों द्वारा रक्षाबंधन के पर्व शनिवार, 9 अगस्त को साधु-संतों की रक्षा धर्म, तीर्थ संस्कृति की रक्षा के संकल्प दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाएंगे। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस मौके पर जैन धर्म के ग्यारहवें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस भी सभी जिनालयों में मनाया जाएगा। साथ ही दिगंबर जैन धर्म के प्रसिद्ध संत श्री विष्णु कुमार महामुनि द्वारा रक्षाबंधन दिवस पर हस्तिनापुर में 700 जैन मुनियों के उपसर्ग को दूर कर मुनियों की रक्षा की थी। इसलिए रक्षा बंधन पर्व पर महामुनि विष्णु कुमार की पूजा की जाएगी। विश्व जैन संगठन एवं जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष मयंक जैन एवं राजेश जैन के अनुसार श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन राजा बलि द्वारा हस्तिनापुर में 700 साधु-संतों पर घोर अत्याचार किए गए थे।

इस अत्याचार एवं उपसर्ग को महामुनि विष्णु कुमार ने ब्राह्मण का रूप धारणकर दूर किया था। उन्होंने साधु-संतों को आहार करवाकर स्वयं आहार किया था। इसलिए इस दिन को भारत वर्षीय जैन धर्मावलंबी रक्षाबंधन के पर्व को प्रति वर्ष साधु-संतों, संस्कृति एवं तीर्थ, जिन आयतन की रक्षा के संकल्प दिवस के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर नगर में दिगंबर जैन संतों के चातुर्मास स्थलों पर एवं शहर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में महामुनि विष्णु कुमार की अष्ट द्रव्य से पूजा अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर जैन श्रावकों द्वारा आचार्यों, मुनिराजों, आर्यिका माताजी की पिच्छिका पर रक्षा सूत्र बांधा जाकर साधु संतों व जिनवाणी संस्कृति ,एव जिनालयों तथा जैन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। इस मौके पर साधु संतों के विशेष प्रवचन होंगेें।

दद्दू के मुताबिक इसी दिन जैन धर्म के ग्यारहवें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस सभी जिनालयों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिरों में प्रातः भगवान के जिन अभिषेक, शांतिधारा के बाद पूजा अर्चना की जाएगी। पूजा के दौरान निर्वाण दिवस मनाया जाकर मंत्रोच्चार के साथ जयकारों के बीच निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में रक्षाबंधन पर्व पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।

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