सुहाग दशमी पर्व पर सनावद के बड़े मंदिर में युगल मुनिराजों के सानिध्य में जैन समाज की महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखकर श्रद्धापूर्वक पूजन किया। पढ़िए सन्मति जैन काका की खास रिपोर्ट…
सनावद स्थित बड़े मंदिर जी में विराजमान युगल मुनिराज मुनि श्री विश्व सूर्य सागर जी महाराज एवं मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज के सानिध्य में समाज की महिलाओं द्वारा सुहाग दशमी पर्व पर विशेष उपवास एवं पूजन विधि सम्पन्न की गई।
समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने जानकारी देते हुए बताया कि मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी ने व्रत की महिमा पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यह व्रत जैन धर्म में अक्षय पुण्यदायक एवं अंतराय कर्मों के निवारण का माध्यम है। इसे सौभाग्य दशमी या अक्षय दशमी के नाम से भी जाना जाता है।
सम्मेद शिखर, समुच्चय पूजन, शीतलनाथ एवं पार्श्वनाथ भगवान की आराधना की
इस अवसर पर पार्श्वनाथ बड़े मंदिर में महिलाओं ने बड़े भक्तिभाव से सामूहिक पूजन में सम्मेद शिखर, समुच्चय पूजन, शीतलनाथ एवं पार्श्वनाथ भगवान की आराधना की। सुहाग दशमी पूजन में अंशुमा जैन, प्रज्ञा धनोते, निकिता जैन, श्रुति जैन, प्रेरणा जटाले, खुशबू जैन, रितु जैन, प्रिया जैन, मोनिका जैन, अंशिता जैन, तृप्ति जैन, मीनल जैन, वर्षा जैन, प्रगति जैन, रीना जैन, सुहासी जैन, दीक्षा जैन सहित कई महिलाओं ने भाग लिया और उपवास के माध्यम से पर्व मनाया।













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