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नैनागिरि में श्रद्धा और भक्ति से मना भगवान पारसनाथ का निर्वाण महोत्सव : उच्च न्यायमूर्ति सहित श्रद्धालुओं ने समवशरण स्थल पर चढ़ाया निर्वाण लाडू


श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में भगवान पारसनाथ के 2802वें निर्वाण महोत्सव पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ लाडू समर्पण, अभिषेक और पूजन किया। पढ़िए राजेश जैन रागी की खास रिपोर्ट…


बकस्वाहा। श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि में भगवान पारसनाथ के 2802वें निर्वाण महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन भगवान पारसनाथ की समवशरण स्थली और ऋषि वरदत्तादि की निर्वाण भूमि पर हुआ।

कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कैलाश चंद्र उत्तमचंद्र चांदीवाल, विमला जैन तथा समाज श्रेष्ठी बाबूलाल सराफ (राजस्थान टीकमगढ़) विशेष अतिथि रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष सुरेश जैन (IAS) की अध्यक्षता में यह महोत्सव पूरे विधि विधान के साथ सम्पन्न हुआ।

शांतिधारा और लाडू समर्पण में देशभर से आए श्रद्धालुओं ने लिया भाग

सुबह भगवान का भव्य महामस्तकाभिषेक विभिन्न इंद्र पात्रों के रूप में समाज के प्रतिष्ठित श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। शांतिधारा और लाडू समर्पण में देशभर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मुख्य निर्वाण लाडू का सौभाग्य न्यायमूर्ति परिवार, बारायठा परिवार और सतना, सागर से आए परिवारों को मिला।

दुर्लभ प्रतिमा बिना फडावली के विराजमान

इसके अलावा महिलाओं के लिए लाडू सजाओ प्रतियोगिता, विशाल वृक्षारोपण एवं विशेष पूजा अनुष्ठान भी आयोजित हुए। कार्यक्रम का संचालन पंडित उदयचंद्र सागर, ध्यानचंद्र सतना आदि ने किया। ट्रस्ट की ओर से आए सभी अतिथियों, पंडितों और पुण्यार्जकों को सम्मानित किया गया। नैनागिरि तीर्थ वह स्थल है जहाँ भगवान पारसनाथ ने कई बार समवशरण दिया और यहाँ की दुर्लभ प्रतिमा बिना फडावली के विराजमान है, जो इस स्थल को अद्वितीय बनाती है। यही कारण है कि पूरे देश से श्रद्धालु निर्वाण लाडू चढ़ाने और पुण्य अर्जन हेतु इस पर्व पर आते हैं।

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Shreephal Jain News

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