तप से ही व्यक्तित्व में निखारता आती है और तप ही जीवन को महान बनाता है, अपनी रसनेंद्रियों पर विजय पाकर 31 उपवास की दीर्घ तपस्या पूर्ण की। वह अनुकरणीय है। श्री संयमप्रभाजी मसा ’संयम’ ने सराहना की। नागदा (धार) से पढ़िए, संजय जैन टी की यह खबर…
नागदा (धार)। तप से ही व्यक्तित्व में निखारता आती है और तप ही जीवन को महान बनाता है, अपनी रसनेंद्रियों पर विजय पाकर 31 उपवास की दीर्घ तपस्या पूर्ण की। वह अनुकरणीय है। यह अनमोल वचन वर्षावास के लिए स्थानक भवन गांव में विराजित श्री जिनेंद्रमुनिजी मसा की आज्ञानुवर्तिनी पूज्या श्री संयमप्रभाजी मसा ’संयम’ आदि ठाणा 6 ने मास क्षमण 31 उपवास के तपस्वी आशीष सुराना के बहुमान समारोह में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं के बीच कही। संघ द्वारा पुष्प माला पहनाकर, शाल-श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर तप से बोली लगाकर तपस्वी का बहुमान किया। बोली में अभिषेक मोदी ने 21 उपवास से, कुलदीप पँवार कानवन ने 16 उपवास से, दीपक जैन टी ने 11 उपवास से बोली लगाकर तपस्वी आशीष सुराना का बहुमान किया।
साथ ही रानी सुराना ने 51 उपवास खुले-खुले करने की बोली लगाकर बहुमान किया। इस अवसर पर मूर्ति पूजक श्रीसंघ अध्यक्ष व सदस्यों एवं अणु मित्र मंडल सदस्यों ने भी बहुमान किया। कार्यक्रम में स्तवन व उद्धबोदन के साथ ही परिवार ने प्रभावना वितरित की। संचालन सुनील चौधरी ने किया।













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