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आर्यिका श्री आर्षमति माताजी के चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव: श्रद्धा भाव से लेकर धर्म सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत 


वरेह के बॉबी जैन को रानीला तीर्थ पर आर्यिका आर्षमति माताजी के चतुर्मास स्थापना का द्वितीय कलश प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। अंबाह के सुरेश जैन व मुरैना के सोनू जैन ने भी विशेष पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…


अंबाह। रानीला अतिशयकारी तीर्थ क्षेत्र में गणिनी आर्यिका श्री आर्षमति माताजी के चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में हुआ। इस अवसर पर जहां सैकड़ों श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। वहीं जैसवाल जैन युवाजन संगठन की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। इस पुण्य अवसर पर कई समाजसेवियों और धर्मनिष्ठ व्यक्तित्वों को विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ। इनमें वरेह अंबाह निवासी एवं वर्तमान में दिल्ली में निवासरत युवाजन के महामंत्री अजयकुमार जैन (बॉबी) ने द्वितीय कलश की बोली श्रद्धा भाव से लेकर धर्म सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका यह कदम समाज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बन गया। इसी आयोजन में अंबाह के मूल निवासी एवं गौतम नगर में निवासरत वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश चंद जैन को वर्षायोग कलश स्थापना दिवस के पावन अवसर पर शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में वर्षों से सक्रिय सुरेश जी को यह सम्मान उनके समर्पण और सेवा कार्यों की सराहना स्वरूप प्रदान किया गया, जिसकी समाज में व्यापक अनुमोदना हुई। वहीं मुरैना जिले के बरहाना निवासी उत्साही युवा समाजसेवी सोनू जैन को लगातार पांचवें वर्ष पूज्य माताजी को वस्त्र भेंट करने का पुण्य अवसर प्राप्त हुआ। उनकी यह निरंतर सेवा भावना और निष्ठा उन्हें युवाओं के बीच धर्म के प्रति समर्पण का आदर्श बनाती है। अखिल भारतीय ज्ञानार्ष भक्त परिवार द्वारा उन्हें इस सातत्यपूर्ण योगदान हेतु शुभकामनाएं एवं पुण्य की अनुमोदना दी गई।

युवाजन संगठन की अनुशासित उपस्थिति

इस आयोजन में युवाजन संगठन के मोहित जैन ‘चीकू’ (कार्यध्यक्ष), सुरेश जैन, गौरव जैन, सचिन जैन, चंचल जैन, अमरीश जैन, राजीव भाई श्रोमीश्, सुनील जैन, मनीष जैन, नितिन जैन, प्रदीप जैन, रॉकी जैन, कुलदीप जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सेवा, अनुशासन और समर्पण के भाव से कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

भक्ति, सेवा और संस्कृति का समन्वय

पूरे कार्यक्रम में भक्ति, सेवा और संस्कृति की त्रिवेणी प्रवाहित होती रही। कलश स्थापना विधि से लेकर साधकों के संयमित जीवन और युवाओं की सहभागिता ने आयोजन को प्रेरणादायक स्वरूप प्रदान किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में युवाओं की भागीदारी समाज के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती है।

तीनों श्रद्धालु बने समाज के आदर्श

कार्यक्रम के समापन पर युवाजन कार्यध्यक्ष मोहित जैन चीकू ने कहा कि अंबाह, वरेह और बरहाना जैसे छोटे स्थानों से जुड़े श्रद्धालुओं अजय जैन, सुरेश चंद जैन और सोनू जैन दृ ने जिस निष्ठा और भक्ति से धर्म कार्यों में सहभागिता निभाई है, वह समाज के लिए गर्व की बात है। इनका समर्पण भाव और सेवाभाव आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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