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आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी के सानिध्य में 36 कलश स्थापित: 48 48 अर्घ्य समर्पित कर की आराधना 


भक्तामर महामंडल विधान अर्चना के चौथे दिन आर्यिका संघ के चातुर्मास निमित्त 36 मूल गुण के 36 कलशों की रविवार को नेमीनाथ जिनालय में मंत्रोच्चार के साथ विधिवत स्थापना की गई। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष नरेन्द्र पंचोली के नेतृत्व में प्रातः नेमीनाथ जिनालय से बैंडबाजे एवं कलशों के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इसमें पुरुष-महिलाएं नाचते-गाते बैंड की मधुर धुन पर थिरकते नजर आए। खेरवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…


खेरवाड़ा। भक्तामर महामंडल विधान अर्चना के चौथे दिन आर्यिका संघ के चातुर्मास निमित्त 36 मूल गुण के 36 कलशों की रविवार को नेमीनाथ जिनालय में मंत्रोच्चार के साथ विधिवत स्थापना की गई। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष नरेन्द्र पंचोली के नेतृत्व में प्रातः नेमीनाथ जिनालय से बैंडबाजे एवं कलशों के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इसमें पुरुष-महिलाएं नाचते-गाते बैंड की मधुर धुन पर थिरकते नजर आए। शोभायात्रा आजाद चौक, शांतिनाथ मंदिर, पुराना बस स्टैंड, शास्त्री बाजार,सदर बाजार होते हुए नेमीनाथ जिनालय पहुंची। जहां सुप्रज्ञमति माताजी के सानिध्य में विधि विधान एवं मंत्रोच्चार के कलशों को स्थापित किया गया। इससे पूर्व भक्तामर महामंडल विधान-अर्चना के चौथे दिन आज रूपल कपिल जैन परिवार की ओर से 48 अर्घ्य का समर्पण किया गया।

पूर्व आचार्यों आदि सागर, महावीर कीर्ति, विमलसागर तथा सन्मतिसागर की भव्य अर्चना के साथ आचार्य सुनीलसागर जी को अर्घ्य भेंट किए गए। आर्यिका सुप्रज्ञ मति माताजी के मंगल प्रवचन के बाद आहार क्रिया हुई। समारोह में संरक्षक बाबूलाल सराफ,अध्यक्ष वीरेन्द्र बखारिया, महामंत्री पंकज, मंत्री कुलदीप जैन, कोषाध्यक्ष हेवन जैन, बाबूभाई पारस, विवेक, बसंत गांधी, कन्हैयालाल सहित भारी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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