दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र, इंदौर में गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य में श्रावक संस्कार – गुरुमंत्र दीक्षा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर 11 श्रद्धालु श्रावकों को दीक्षा प्रदान की गई। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र, इंदौर में गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य में श्रावक संस्कार – गुरुमंत्र दीक्षा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर 11 श्रद्धालु श्रावकों को दीक्षा प्रदान की गई, जिसमें उन्हें श्रावक जीवन की मर्यादा के साथ गुरुमंत्र की दीक्षा दी गई।
दीक्षा प्राप्त करने वाले श्रावकों को जिन 11 नियमों का पालन करना होगा, वे हैं:
1. मद्य, मांस, मधु का सेवन नहीं करूंगा।
2. तीन कम नव करोड़ मुनियों के प्रति श्रद्धा रखूंगा।
3. वर्ष में एक बार दर्शन और प्रायश्चित अवश्य लूंगा।
4. नगर में साधु पधारें तो आहार दान में सहयोग करूंगा।
5. प्रतिदिन अंशदान या दान निकालूंगा।
6. पर्यावरण की रक्षा करूँगा।
7. साधु के आहार, विहार और निहार में सहयोग करूँगा।
8. देव, शास्त्र और गुरु के दर्शन करूँगा।
9. किसी भी संतवाद या पंथवाद में नहीं पड़ूँगा।
10. धर्म संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा करूँगा।
11. प्रतिदिन कम से कम एक पृष्ठ धर्मग्रंथ का पठन करूँगा।
इस दीक्षा का उद्देश्य समाज में धर्म, दया, प्रेम और वात्सल्य का वातावरण तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुजनों द्वारा पूज्य मुनि श्री का पाद प्रक्षालन तथा अष्टद्रव्य से पूजन किया गया।
पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नरेंद्र शकुंतला वेद, रेखा संजय जैन, कमलेश टीना जैन, विनोद शोभा जैन, हितेश नयना कासलीवाल,संजय सपना पापड़ीवाल,रितेश पिंकी कासलीवाल,अनुराग प्राशी वेद,अंजू गिरीश वेद,अनुराधा वेद ने किया ।
मुनि श्री की अष्ट द्रव्य से पूजन नवनीत जैन, श्रेष्ठी जैन, लोकेंद्र जैन, प्रदुम्न जैन,संजय बड़जात्या, रविकांत सेठिया, दिलीप जैन, गजेंद्र अनीता जैन, राजकुमार पाटनी,हर्ष पाटनी के द्वारा की गई।
गुरु पूर्णिमा पर आहार दान संजय-रेखा जैन परिवार की ओर से संपन्न हुआ।
शाम को ग्रेटर बाबा परिसर में भक्ति संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों ने भजनों के माध्यम से गुरु भक्ति का भावपूर्ण प्रदर्शन किया।
मुनिश्री ने इस अवसर पर धर्मसभा को भी संबोधित किया।













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