इन दिनों रामगंजमंडी में भक्ति आस्था एवं श्रद्धा का समन्वय देखने को मिल रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी के सानिध्य में सभी धर्मलाभ ले रहे हैं। चार दिवसीय आयोजन की शुरुआत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव से होगी। गुरुवार को प्रातः श्री जी के अभिषेक एवं जिन सहस्त्रनाम के अभिषेक होगा। प्रवचन सभा में आचार्य श्री के सानिध्य में आचार्य श्री विराग सागर महाराज का पूजन होगा। रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर…
रामगंजमंडी। इन दिनों रामगंजमंडी में भक्ति आस्था एवं श्रद्धा का समन्वय देखने को मिल रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में सभी धर्मलाभ ले रहे हैं। चार दिवसीय आयोजन की शुरुआत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव से होगी गुरुवार को प्रातः श्री जी के अभिषेक एवं जिन सहस्त्रनाम के अभिषेक होगा। प्रवचन सभा में आचार्य श्री के सानिध्य में आचार्य श्री विराग सागर महाराज का पूजन होगा। इस अवसर पर संगीत स्वर लहरियों के साथ भक्ति करते हुए अष्ट द्रव्य के विशेष थाल सजाए जाएंगे। आचार्य श्री के मंगल प्रवचन भी होंगे। 11 जुलाई सुबह वीर शासन जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत एक साथ 24 मंडल पर 24 परिवार द्वारा महावीर महा मंडल विधान भक्ति भाव के साथ किया जाएगा। 12 जुलाई को में विभिन्न प्रांतों से पधारे विद्वानों का सम्मेलन होगा। इसमें आचार्य श्री विराग सागर जी के जीवन कृतित्व पर गोष्ठी होगी। 13 जुलाई को भव्य आयोजन के साथ दोपहर में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना होगी, जो कृषि उपज मंडी प्रांगण में होगा। जिसमें दूर-दराज से भक्तों के आने की संभावना है।
चातुर्मास व्यवस्था समिति ने सभी से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। बुधवार को आचार्य संघ का उपवास रहा एवं विधिवत रूप से चातुर्मास स्थापना की एवं भक्ति की। आचार्य श्री ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि निःकांक्षित भाव होना चाहिए। निःकांक्षा आपकी ताकत है, जो आपके पुण्य को बढ़ाएगा, विशुद्धि बढ़ाएगा यहां बिना मांगे मिलता है। मांगने की जरूरत नहीं पुण्य निःकांक्षित व्यक्ति को मिलता है।













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